कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का जवाब देने के लिए एआई का उपयोग

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कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का जवाब देने के लिए एआई का उपयोग


नई दिल्ली, 28 मार्च (हि.स.)। सरकार ने कृषि क्षेत्र में किसानों के समक्ष पेश आने वाली विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद मुहैया कराने की पहल की है। यह जानकारी आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने दी।

दरअसल, किसान ई-मित्र, एक एआई-संचालित चैटबॉट, पीएम किसान सम्मान निधि योजना के बारे में किसानों की सहायता के लिए विकसित किया गया है। यह किसानों के सवालों का जवाब देने में सक्षम है। यह कई भाषाओं में है और अन्य सरकारी कार्यक्रमों में सहायता के लिए विकसित हो रहा है। मौजूदा समय में यह प्रतिदिन किसानों से जुड़े 20,000 से अधिक सवालों के जवाब देता है। इसके जरिए अब तक 92 लाख से अधिक प्रश्नों का उत्तर दिया जा चुका है।

जलवायु परिवर्तन के कारण उपज को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली फसल में कीट संक्रमण का पता लगाने के लिए एआई और मशीन लर्निंग का उपयोग करती है, जिससे स्वस्थ फसलों के लिए समय पर कदम उठाना संभव हो पाता है। वर्तमान में 10,000 से अधिक विस्तार कार्यकर्ताओं द्वारा उपयोग किया जाने वाला यह उपकरण किसानों को कीटों के हमलों और फसल के नुकसान को कम करने में मदद करने के लिए कीटों की तस्वीरें लेने की अनुमति देता है। वर्तमान में यह लगभग 1 लाख अपलोड की गई छवियों के साथ 61 फसलों और 400 से अधिक कीटों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराता है।

इसी तरह चावल और गेहूं की फसलों के लिए उपग्रह, मौसम और मिट्टी की नमी डेटासेट का उपयोग करके फसल के स्वास्थ्य का आकलन और फसल के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए फ़ील्ड फ़ोटो का उपयोग करके एआई-आधारित विश्लेषण भी किया जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दधिबल यादव