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अमेरिकी सेल्फ-डिपोर्टेशन स्कीम में ताजमहल की फोटो पर विवाद, मनीष तिवारी बोले- सरकार जवाब दे

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अमेरिकी सेल्फ-डिपोर्टेशन स्कीम में ताजमहल की फोटो पर विवाद, मनीष तिवारी बोले- सरकार जवाब दे


नई दिल्ली, 18 मार्च (हि.स.)। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी द्वारा ताजमहल की तस्वीर का इस्तेमाल कर अवैध प्रवासियों को स्वेच्छा से वापस लौटने (सेल्फ-डिपोर्टेशन) के लिए प्रोत्साहित करने वाली पहल की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर भारत सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

तिवारी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब भारतीयों को अमेरिका से निर्वासित किया गया, उन्हें हथकड़ी और बेड़ियों में बांधकर अमानवीय तरीके से भेजा गया, तब भी भारत सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जब 80 साल की दादियों को भी निर्वासित किया गया, तब सरकार की ओर से सिर्फ चुप्पी रही। अब समय है कि विदेश मंत्री और सरकार अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी को इस पर जवाब दें और भारत तथा भारतीयों की गरिमा की रक्षा करें।

उल्लेखनीय है कि ट्रंप प्रशासन ने मार्च 2026 में अवैध प्रवासियों को अमेरिका छोड़ने के लिए सेल्फ-डिपोर्टेशन अभियान शुरू किया है। इस प्रोत्साहन योजना के तहत घर वापसी के लिए मुफ्त हवाई टिकट, 2,600 डॉलर (करीब 2.2–2.4 लाख रुपये) का एग्जिट बोनस और बिना गिरफ्तारी या सख्त कार्रवाई के नई शुरुआत बताया गया है। इस अभियान के प्रचार के लिए 17 मार्च 2026 को डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक पोस्ट किया था। इसमें ताजमहल की तस्वीर लगाकर लिखा गया था कि आप घर लौट सकते हैं और नई शुरुआत कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर