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नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए: आदित्यनाथ

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नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए: आदित्यनाथ


जितेन्द्र सिंह बोले- प्रशासनिक सुधारों व क्षमता विकास में उप्र देश के लिए रोल मॉडल

लखनऊ, 23 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को लोकभवन में दीप प्रज्ज्वलित कर मिशन कर्मयोगी के अन्तर्गत दो दिवसीय 'साधना शृंखला' का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। नागरिकों को जब समय से समाधान प्राप्त होता है तभी लोकसेवक का उद्देश्य सार्थक होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी शासन के कार्यों को गति दे सकती है लेकिन कार्मिकों का सेवा भाव ही हमें नागरिकों के प्रति जवाबदेह बनाता है। जब प्रशासनिक तंत्र दक्ष, संवेदनशील एवं उत्तरदायी होता है, तभी शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचता है और सुशासन का संकल्प जनकल्याण के रूप में साकार होता है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी तेजी से शासन के स्वरूप को बदल रहे हैं। हमें अपने लोकसेवकों को इन बदलावों के अनुरूप सक्षम बनाने के लिए तैयार रहना होगा। लोकसेवा की कार्य-संस्कृति में परिवर्तन हम सबके लिए एक राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए ग्राम पंचायतों के कार्मिकों की क्षमताएं भी बढ़ानी होंगी। डबल इंजन सरकार मिशन कर्मयोगी जैसी पहल के माध्यम से देश की प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को नई दिशा दे रही है। मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की भावना के अनुरूप कर्मयोगी उत्तर प्रदेश अंत्योदय के संकल्प को साकार करते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रकृति एवं परमात्मा की असीम कृपा का प्रदेश है। फिर भी लंबे समय तक यूपी विपन्न रहा। प्रदेश अपनी पहचान के लिए मोहताज रहा। यहां संभावनाएं विद्यमान थीं लेकिन उन्हें उपलब्धियों में बदलने के लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति का अभाव था। उत्सव पूर्ण राज्य को उपद्रव ग्रस्त प्रदेश बना दिया गया। मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में काम हुआ। प्रदेश की जीडीपी तीन गुना बढ़ गयी है। पिछले साढ़े 9 वर्षों में 65 लाख गरीबों को आवास, 3 करोड़ से अधिक परिवारों को शौचालय और 15 करोड़ से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ दिया है। हम पूरी दमदारी के साथ कह सकते हैं कि हर योजना का लाभ हर गरीब तक ईमानदारी के साथ पहुंचा है। भारत का सबसे बड़ा रोड नेटवर्क, सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और सबसे बड़ा एयर कनेक्टिविटी का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास मौजूद है।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों और क्षमता विकास में उत्तर प्रदेश देश के लिए रोल मॉडल है। उत्तर प्रदेश प्रशासनिक क्षमता विकास के क्षेत्र में रोल माडल के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। प्रदेश में योग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर बड़ी संख्या में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए गये हैं। डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी प्रयास का परिणाम तब तक नहीं दिखता जब तक उसका जमीनीस्तर पर अमल न हो। उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए सुशासन सुधारों को लागू करने की दिशा में सदैव सक्रिय रही है। ये प्रयास प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और नागरिक-केंद्रित शासन को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम को मुख्य सचिव एसपी गोयल और क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष राधा चौहान ने भी संबोधित किया। इस कार्यशाला में 8 राज्यों एवं 4 केंद्रशासित प्रदेशों के कार्मिक सहभागिता कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन