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प्रयागराज हत्याकांड: दोस्त के साथ मिलकर की माता-पिता और बहन की हत्या, फिर खुद भी मारा गया

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प्रयागराज हत्याकांड: दोस्त के साथ मिलकर की माता-पिता और बहन की हत्या, फिर खुद भी मारा गया


प्रयागराज, 03 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक परिवार के चार लोगों की हत्‍या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि कारोबारी वीरेंद्र वैश्‍य के बेटे अभिषेक ने ही हत्या की साजिश रची थी। उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर पिता, मां अंकिता और 45 वर्षीय बहन मीनाक्षी की हत्‍या की। बाद में लूटे गए गहनों के बंटवारे को लेकर अभिषेक और उसके दोस्त के बीच झगड़ा हो गया। बात इतनी बढ़ी कि दोस्त ने अभिषेक की भी हत्‍या कर दी। पुलिस ने आरोपित दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस आयुक्त जोगेन्दर कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित का नाम सनी गुप्ता है। वह मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र के महाबीरन गली निवासी है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार लोहे की रॉड और करीब डेढ़ करोड़ रुपये के जेवरात बरामद किए हैं।

मंगलवार को प्रयागराज जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका मोहल्ले में हीवेट चौराहा निवासी वीरेन्द्र वैश्य, पत्नी अनीता वैश्य, बेटी मीनाक्षी वैश्य का शव घर के अंदर और अभिषेक वैश्व का शव नीचे दुकान में मिला था।

पुलिस के अनुसार आराेपित सनी की वीरेंद्र वैश्य की मार्केट में समोसे की दुकान है। आरोपित की वीरेंद्र के बेटे अभिषेक से अच्छी दाेस्ती थी और दोनों का एक साथ खाना-पीना था। पूछताछ में पता चला कि अभिषेक भारी कर्ज में था और पिता ने उसे संपत्ति से बेदखल कर रखा था। इसी बात को लेकर अभिषेक और उसके पिता के बीच अक्सर विवाद होता था। ऐसे में अभिषेक ने सनी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। 31 मई की रात अभिषेक ने सनी से बीयर और कचौड़ी मंगाया और दोनों ने मिलकर खाया-पिया। इसके बाद सबसे पहले अभिषेक ने अपने बहन की रॉड से हत्या कर दी, उसके बाद मां अनीता एवं पिता की हत्या कर दी। वहां पुलिस को गुमराह करने के लिए अभिषेक ने एक दफ्ती पर बंटी, बबली बहू ने मारा है लिख दिया। इससे घटना का सारा इल्जाम अभिषेक के भाई अश्विनी पर लग जाए। हत्या करने के बाद अभिषेक ने आलमारी से लगभग डेढ़ करोड़ के जेवरात निकाले और सनी के साथ नीचे उसकी दुकान में चला गया।

इसके बाद अभिषेक ने सनी काे कुछ जेवर देकर कहा कि तुम यहां से चले जाओ। इसी बंटवारे को लेकर सनी गुप्ता का इरादा बदल गया और वह डेढ़ करोड़ के जेवरात की लालच में उसी रॉड से दुकान के अंदर अभिषेक की हत्या कर दी। सनी ने अभिषेक की हत्या करने के बाद जेवरात एक बैग में रखे और सबूत मिटाने के लिए शव को डिटर्जेंट पाउडर से धो दिया। इसके बाद फरार हो गया। मामले की जांच कर रही पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की मदद से आरोपित सनी को गिरफ्तार कर लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल