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जब तक भाजपा की सरकार है, तब तक संविधान खतरे में : अखिलेश यादव

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जब तक भाजपा की सरकार है, तब तक संविधान खतरे में : अखिलेश यादव


नोएडा, 29 मार्च (हि.स.)। समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को दादरी स्थित मिहिर भोज डिग्री कॉलेज में आयोजित ‘भाईचारा रैली’ को संबोधित करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा सत्ता में है, तब तक देश का संविधान खतरे में रहेगा।

अखिलेश यादव ने भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने देश को ऐसा मजबूत संविधान दिया है, जो किसी भी हथियार से ज्यादा ताकतवर है, लेकिन भाजपा को इस संविधान पर भरोसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में “5 प्रतिशत लोग 95 प्रतिशत जनता का शोषण कर रहे हैं” और उनकी लड़ाई इसी असमानता के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि समाज में भेदभाव और उत्पीड़न झेलने वाले लोगों का दर्द वही समझ सकता है, जिसने इसे महसूस किया हो। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सत्ता से हटने के बाद उनके घर को गंगाजल से धुलवाने और मंदिर जाने के बाद मंदिर धुलवाने जैसी घटनाओं ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया।

सपा प्रमुख ने ‘पीडीए समाज’ (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब सामाजिक न्याय का समय है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी को मिटाने का नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का है।

उन्होंने कहा कि समाज में दो तरह के लोग होते हैं—एक शोषण करने वाले और दूसरे शोषित। उनका लक्ष्य शोषित वर्ग को उनका अधिकार और सम्मान दिलाना है।

अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की रैलियों में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जाता है। उन्होंने हाल ही में जेवर में हुई रैली का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों और सरकारी कर्मचारियों को वहां जबरन बुलाया गया।

उन्होंने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विकास में समाजवादी सरकार का बड़ा योगदान रहा है। दिल्ली से नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली मेट्रो परियोजनाएं सपा सरकार में ही शुरू हुई थीं।

सपा इस रैली को 2027 विधानसभा चुनाव की औपचारिक शुरुआत मान रही है। रैली संयोजक राजकुमार भाटी के अनुसार, इस आयोजन के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिलों और करीब 140 विधानसभा सीटों को साधने की रणनीति बनाई गई है।

पार्टी की नजर खासतौर पर जाट और गुर्जर समुदाय पर है, जो क्षेत्रीय राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। सपा नेताओं का दावा है कि 2012 की तरह इस बार भी दादरी से शुरू हुआ अभियान पार्टी को सत्ता तक पहुंचाएगा।

रैली में जाने से पूर्व उन्होंने गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। रैली में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे, सांसद इकरा हसन, हरेंद्र मलिक, धर्मेंद्र यादव, रामजीलाल सुमन, विधायक अतुल प्रधान, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, जावेद अल्वी, सपा के बरिष्ठ नेता वीर सिंह यादव, डॉक्टर महेंद्र नागर सहित सपा के कई वरिष्ठ नेता ,पदाधिकारी मौजूद थे। रैली के संयोजक राजकुमार भाटी के अनुसार रैली में करीब 50 हजार से ज्यादा लोगों ने भाग लिया है। समाजवादी पार्टी की रैली के चलते करीब 4 किलोमीटर दूर तक दादरी में जाम की स्थिति बनी रही। आलम यह था कि काफी कार्यकर्ता रैली स्थल तक भी नहीं पहुंच पाए। मंच का संचालन प्रदीप भाटी ने किया।

वहीं, सपा नेता सुधीर चौहान ने बताया कि वर्ष 2012 में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सपा के अध्यक्ष रहते हुए नोएडा से चुनावी बिगुल फुक था, तथा वह भारी बहुमत से सत्ता में आए थे। उन्होंने कहा कि इस बार भी यहां से सपा ने अपना चुनावी अभियान शुरू किया है, तथा 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। -----------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी