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गाय राष्ट्र माता है, उसे घोषित करने की कोई आवश्यकता ही नहीं: योगी आदित्यनाथ

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गाय राष्ट्र माता है, उसे घोषित करने की कोई आवश्यकता ही नहीं: योगी आदित्यनाथ


गाय राष्ट्र माता है, उसे घोषित करने की कोई आवश्यकता ही नहीं: योगी आदित्यनाथ


गाय राष्ट्र माता है, उसे घोषित करने की कोई आवश्यकता ही नहीं: योगी आदित्यनाथ


-मुख्यमंत्री योगी ने 1645 विस्थापितों के परिवार कृषि भूमि का मालिकाना अधिकार दिया- हिंसा व करुणा मानव के भूषण हैं, किंतु शस्त्र उठाना होगा गर सामने खरदूषण हैं: योगी

बिजनौर, 01 जून (हि.स.)| मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर चर्चा हो रही है, लेकिन मां और संतान के रिश्ते को किसी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती। भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और वह आस्था तथा संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वालों की बुद्धि भ्रष्ट हो गयी है।

मुख्यमंत्री याेगी साेमवार काे बिजनौर जनपद के आलमपुर गांवड़ी में जमीन का अधिकार देने के अवसर पर आयाेजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।इस माैके पर उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों तथा 50 पूर्व सैनिकों एवं लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए। भूमिधरी अधिकार मिलने से लाभार्थियों को भूमि पर वैधानिक स्वामित्व प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के वंचित, शोषित और जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इस मौके पर उन्होंने जिले को विकास की सौगात देते हुए करोडों रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

उन्हाेंने गौ संरक्षण, कानून व्यवस्था, विकास योजनाओं और शरणार्थी परिवारों के मुद्दों पर सीधे जनता से संवाद किया। उन्होंने कहा कि वह 4 वर्ष पहले यहां के पूर्व सांसद सर्वेश कुमार के साथ सभा की थी, लेकिन आज वे हमारे बीच नहीं हैं, पर उनके पुत्र और यहां के विधायक सुशांत सिंह जनता की सेवा कर रहे हैं। इस क्षेत्र में हमने पाकिस्तान से आए विस्थापितों को उनके जमीनी अधिकार सौपें हैं, जो 1947—48 में कट्ट्ररपंथी पाकिस्तानियों ने उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया था, उन्हीं विस्थापितों को आज कृषि भूमिका मालिकाना हक प्रधान किया गया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो विस्थापित शेष बचे हैं, उनको अगले चरण में जमीन का मालिकाना हक देने का काम भी करेंगे |

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुछ मुल्ला व मौलवी गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि गाय हमारी माता है। जन्म जन्मान्तर का नाता है। मां पुत्र के बीच में कुछ घोषणा की आवश्यकता होती है क्या? तुम्हारी सोच ही पशुवत है, जो तुम माता को पशु कहते हो। गाय हमारी माता है। यह हमारे संस्कार में है। बकरीद पर हमने खुद देखा की बहुत से बधाई देने में गौ माता का चित्र लगा रहे थे। उन्हें जानकारी होनी चाहिए कि गौ वध पर क्या सजा हो सकती है। मुख्यमंत्री ने गाय तो स्वघोषित राष्ट्र माता है, उसे घोषित करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है। इसी प्रकार गंगा भी हमारी माता है। हमारे सारे संस्कार गंगा के सानिध्य में ही संपन्न होते हैं। क्या यह कोई बताने की आवश्यकता है की गंगा हमारी मां है।

मुख्यमंत्री ने कट्टरपंथियों को आडे़ हाथों लेते हुए कहा कि पाकिस्तान से आए विस्थापितों के बारे में आज तक किसी मौलवी ने कोई भी आवाज नहीं उठाई, जबकि कट्टरपंथियाें ने पाकिस्तान में हिन्दुओं की संपत्तियों पर कब्जा किया। यहां हिंदुस्तान में भी वक्फ के नाम पर संपत्ति पर कब्जा किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 6 महीने पहले बांग्लादेश में हिंदुओं का कतलेआम किया गया, पर हमारे देश के किसी मौलवी ने कोई आवाज नहीं उठायी। आज बांग्लादेश में हिन्दू 22 से घटकर केवल 7 फीसदी रह गया। उन्हाेंने कहा कि पाकिस्तान में 14 से घटकर मात्र दो प्रतिशत रह गया यह मौलवी कभी भी बांग्लादेश-पाकिस्तान की कोई निंदा नहीं करते।

मुख्यमंत्री ने सरकार की सजगता को भी बताते हुए कहा कि हम पहले से ही माहौल देखकर सतर्क है। इसीलिए रामनवमी, शिवरात्रि, होली व दिवाली जैसे पर्व शांतिपूर्वक मनाये जा रहे हैं, अन्यथा पहले दुर्गा पूजा, कांवड़ यात्रा सपना जैसे हो गए थे। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना कहा कि उनके शासन में बेटी स्कूल —कॉलेज नहीं जा पा रही थीं और व्यापारी भी सुरक्षित नहीं थे। मुख्यमंत्री योगी ने हाल ही में गाजियाबाद मर्डर का उल्लेख करते हुए कहा कि आपने दोस्ती का माहौल देख लिया होगा कि दोस्ती की आड़ में कैसे खत्म किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह को श्रेय देते हुए कहा कि उन्होंने बांग्लादेश, अफगानिस्तान , नेपाल और पाकिस्तान से आए विस्थापित हिंदुओं, बाैद्धाें व सिखाें को यहां का नागरिक अधिकार देने का बिल पास कराया। फलस्वरुप आज हम ऐसे लोगों को भी कानूनी रूप से कृषि भूमि का मालिकाना हक दे पा रहे हैं। इस कानून को बनाए जाने के समय कांग्रेस ने इसका विरोध किया था, पर वहीं कांग्रेस बांग्लादेशी घुसपैठिये को यहां बसने के लिए जोर लगाती है। भारत का विभाजन करने वाली मुस्लिम लीग के साथ यह गलबाहियां करके चुनाव लड़ते हैं ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, डेमो चेक और प्रमाण पत्र भी वितरित किए। विभिन्न विभागों के चयनित 11 प्रेरणादायी लाभार्थियों को मंच पर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के संचालित विदुर प्रेरणा कैफे सहित अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।

इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह, जनपद के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ,विधायक सुशांत सिंह, विधायक अशोक राणा, विधायक सुचि चौधरी, विधायक ओम कुमार, पूर्व सांसद भारतेन्द्र सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि समेत सभी बड़े नेता उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र