केदारनाथ समेत चारधाम में बारिश-बर्फबारी, उत्तराखंड के पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
देहरादून, 29 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड में मौसम के बदले मिजाज से पहाड़ से मैदान तक ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मसूरी में बारिश और सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम की चेतावनी के मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं और चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
चारधाम क्षेत्र में गुरुवार को बारिश और बर्फबारी से सर्दी बढ़ गई। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के आसपास की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के साथ उत्तरकाशी जिले के हर्षिल, धराली, जानकीचट्टी और खरसाली के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी दर्ज की गई। इससे पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं। देहरादून,हरिद्वार सहित प्रदेश के कई अन्य इलाकों में देर शाम तक बारिश जारी रहने से मौसम ठंडा हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार, पांच जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को अलर्ट मोड में रहने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी आमजन की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है।
सचिव ने भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़कें बाधित होने की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और सीमा सड़क संगठन सहित संबंधित एजेंसियों को मशीनरी एवं संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर निगरानी रखने तथा खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर मौसम की स्थिति के अनुसार यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। आपदा संबंधी किसी घटना की सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर दी जा सकती है।
वहीं, मसूरी में गुरुवार सुबह से रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी और तेज हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने गर्म कपड़ों और हीटर का सहारा लिया। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। हालांकि, बादलों से ढकी पहाड़ियों और धुंध भरे मौसम ने पर्यटकों को आकर्षित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

