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उत्तराखंड : अलकनंदा-मंदाकिनी चेतावनी निशान के करीब, गंगा का जलस्तर भी बढ़ा

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देहरादून, 17 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रमुख नदियों के के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की सोमवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर चेतावनी निशान के आसपास पहुंच गया है, जबकि गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) और मौसम विभाग की नजर बनी हुई है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया है, जबकि ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर भी बढ़ने का रुख दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार रुद्रप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर 625.90 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी निशान 626 मीटर और खतरे का निशान 627 मीटर है। वहीं मंदाकिनी का जलस्तर 624.88 मीटर रहा, जो चेतावनी निशान 625 मीटर से महज 0.12 मीटर नीचे है। दोनों नदियों का जलस्तर फिलहाल स्थिर दर्ज किया गया है। अलकनंदा नदी का जोशीमठ में जलस्तर 1375.64 मीटर दर्ज हुआ। पिछले 24 घंटों में यहां 17.4 मिमी बारिश हुई। पिंडर नदी के नंदकेसरी में 71.4 मिमी बारिश के बीच जलस्तर 1264.60 मीटर दर्ज किया गया।

ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 339.10 मीटर रहा, जबकि चेतावनी निशान 339.50 मीटर है। हरिद्वार में जलस्तर 292.26 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी निशान 293 मीटर है। दोनों स्थानों पर नदी का रुख बढ़ने का दर्ज किया गया है। हरिद्वार स्थित भीमगौड़ा बैराज में साेमवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 292 मीटर और डिस्चार्ज 93,700 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं देहरादून के डाकपत्थर बैराज में यमुना का जलस्तर 454.90 मीटर और डिस्चार्ज 20,822 क्यूसेक दर्ज हुआ। सीडब्ल्यूसी ने श्रीनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रामनगर को बाढ़ पूर्वानुमान के प्रमुख स्थलों के रूप में चिन्हित किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ बारिश के अत्यंत तीव्र दौर की आशंका है। राज्य के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है तथा गरज-चमक के साथ तेज से बहुत तेज बारिश के दौर आने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में शामा में सर्वाधिक 125 मिमी बारिश दर्ज की गई। तेजम में 120, बंगापानी में 105, डीडीहाट में 90 और लोहारखेत में 83 मिमी बारिश हुई। नैनीताल में 37.5 और चमोली में 35.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

सुबह 8:30 बजे तक देहरादून का न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री, पंतनगर का 25.1, मुक्तेश्वर का 16.4 और नई टिहरी का 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में सामान्य से सामान्य से अधिक रहा। देहरादून में सोमवार को आंशिक से सामान्य रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारों के कुछ दौर होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में एक-दो दौर भारी बारिश के भी हो सकते हैं। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम और नदी जलस्तर की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील नदी घाटियों और निचले इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय