छह साल बाद फिर खुलेगा भारत–चीन सीमा व्यापार, जून से शुरू होगा सत्र
-भारत-चीन सीमा व्यापार को लेकर प्रशासन अलर्ट
पिथौरागढ़, 22 अप्रैल (हि. स.)। लिपुलेख दर्रा के माध्यम से भारत–चीन सीमा व्यापार वर्ष 2026 के जून के प्रथम सप्ताह से शुरू होकर सितंबर तक चलेगा विदेश मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
भारत–चीन सीमा व्यापार को वर्ष 2026 में पुनः शुरू करने की तैयारियों को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। विदेश मंत्रालय से लिपुलेख दर्रे के माध्यम से व्यापार शुरू करने की अनापत्ति मिलने के बाद प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित व्यापार सत्र मौसम की अनुकूलता के आधार पर इस अवधि को बढ़ाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व की भांति ही व्यापार संचालन होगा और सभी व्यवस्थाएं विदेश मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होंगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि व्यापार शुरू होने से पहले सड़क, संचार, बैंकिंग, सुरक्षा और आवासीय व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। बीएसएनएल को नेटवर्क सुदृढ़ करने तथा जिला पंचायत और पर्यटन विभाग को गुंजी क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में तकलाकोट व्यापार से जुड़े व्यापारियों ने भी भाग लिया और अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की समस्याओं को मंत्रालय स्तर पर उठाकर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
करीब छह वर्षों के अंतराल के बाद फिर से शुरू हो रहे इस सीमा व्यापार को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, मुख्य उपचिकित्सा अधिकारी प्रशांत कौशिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि भारत–चीन सीमा व्यापार (विशेषकर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में स्थित लिपुलेख दर्रा और तकलाकोट मार्ग) कोविड-19 महामारी और सीमा पर तनाव के कारण वर्ष 2020 में बंद कर दिया गया था।
---
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

