home page

राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज

 | 
राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज


हल्द्वानी, 30 अगस्त (हि.स.)। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी में एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह प्राथमिकी हल्द्वानी निवासी अमित कुमार पुत्र त्रिलोक सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार एफआईआर संख्या 297/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और 299 व अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(q) लगाई गई है।

अमित कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित सफाई एवं धार्मिक अनुष्ठान को राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘छुआछूत’ से जोड़कर टिप्पणी की और कार्यक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की।

शिकायतकर्ता का कहना है कि वह स्वयं अनुसूचित जाति (वाल्मीकि) समुदाय से हैं और 11 अगस्त को रामलीला मैदान में आयोजित सफाई एवं धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी थे। शिकायत के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य मैदान की सफाई और धार्मिक-सांस्कृतिक मर्यादा की पुनर्स्थापना था और इसका किसी व्यक्ति की जाति से कोई संबंध नहीं था।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी के कथित वक्तव्य के बाद शिकायतकर्ता और समिति से जुड़े लोगों को सार्वजनिक रूप से जातिवादी और दलित विरोधी के रूप में चित्रित किया गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर धमकी और अपमानजनक संदेश मिलने का भी दावा किया है।

शिकायत में राहुल गांधी के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3(1)(q), 3(1)(r) और 3(1)(u) व भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 197 और 353 के तहत भी कार्रवाई की मांग की गई थी।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान 29 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस से संबंधित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ ही रामलीला मैदान में आठ अगस्त के राजनीतिक कार्यक्रम और 11 अगस्त के सफाई एवं धार्मिक अनुष्ठान से संबंधित तथ्यों की भी जांच की जाएगी। पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह प्राथमिकी शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर दर्ज की गई है और आरोपों की पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

-------------------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय