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एलयूसीसी चिटफंड घोटाला : सीबीआई ने 18 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र किया दाखिल

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एलयूसीसी चिटफंड घोटाला : सीबीआई ने 18 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र किया दाखिल


देहरादून, 10 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड के बहुचर्चित लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) चिटफंड घोटाला मामले में 18 आरोपियों और एक संस्था के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है।

सीबीआई ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि आरोपपत्र देहरादून स्थित बीयूडीएस अधिनियम की विशेष अदालत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), उत्तराखंड जमाकर्ताओं के हित संरक्षण अधिनियम और अनियमित जमा योजनाएं प्रतिबंध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल किया गया है।

आरोपपत्र में मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल समेत 18 व्यक्तियों और एलयूसीसी सोसाइटी को आरोपित बनाया गया है। सीबीआई के अनुसार वर्ष 2025 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज एलयूसीसी घोटाले से संबंधित सभी 18 प्राथमिकी की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। इसके बाद एजेंसी ने 26 नवंबर 2025 को मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली।

जांच में सामने आया कि एलयूसीसी का पंजीकरण वर्ष 2012 में मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के रूप में हुआ था, जबकि वर्ष 2016 में समीर अग्रवाल ने इसका प्रबंधन अपने हाथ में लेकर नया निदेशक मंडल गठित किया। इसके बाद उत्तराखंड में 50 से अधिक शाखाओं के माध्यम से कथित रूप से अनियमित जमा योजनाएं संचालित की गईं। सीबीआई के अनुसार वर्ष 2017 में संचालन की अनुमति मिलने से पहले ही सोसाइटी ने वर्ष 2016 से राज्य में गतिविधियां शुरू कर दी थीं।

सीबीआई का आरोप है कि एलयूसीसी का कोई वास्तविक कारोबार या आय का स्रोत नहीं था और पुराने निवेशकों को भुगतान नए निवेशकों से जुटाई गई राशि से किया जाता था। एजेंसी के अनुसार यह एक पोंजी स्कीम थी, जिसके जरिए उत्तराखंड के एक लाख से अधिक निवेशकों से लगभग 800 करोड़ रुपये जमा कराए गए। इनमें से कुछ निवेशकों को आंशिक भुगतान किया गया, जबकि कथित धोखाधड़ी की राशि 400 करोड़ रुपये से अधिक है।

जांच में यह भी पाया गया कि मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल ने महाराष्ट्र में 10 फर्जी कंपनियों के बैंक खाते खुलवाकर निवेशकों की धनराशि का कथित रूप से गबन किया। बाद में यह राशि कई बैंक खातों में स्थानांतरित की गई। सीबीआई के अनुसार समीर अग्रवाल और उनकी पत्नी सानिया अग्रवाल विदेश फरार हैं। उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए नोटिस और संबंधित सर्कुलर जारी किए गए हैं।

एजेंसी ने बताया कि जांच के दौरान सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में आरोपियों से जुड़ी 39 संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की गई है। इनमें से 29 संपत्तियों की अस्थायी कुर्की के आदेश जारी किए जा चुके हैं, जबकि शेष 10 संपत्तियों के संबंध में कार्रवाई जारी है। सीबीआई ने कहा कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय