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गुंजी में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद 48 यात्री कैलाश यात्रा के अगले पड़ाव के लिए होंगे रवाना

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गुंजी में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद 48 यात्री कैलाश यात्रा के अगले पड़ाव के लिए होंगे रवाना


पिथौरागढ़, 07 जुलाई (हि.स.)। कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के प्रथम दल के यात्रियों का मंगलवार को सीमांत गांव गुंजी में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकीय जांच में सभी 49 यात्री यात्रा के लिए फिट पाए गए। हालांकि एक यात्री गोविंद केला ने पारिवारिक परिस्थितियों के कारण आगे की यात्रा नहीं करने का निर्णय लिया। इसके बाद प्रथम दल के 48 यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के अगले चरण के लिए रवाना होंगे।

अधिकारियों के अनुसार डॉ. अमित भार्गव और उनकी चिकित्सा टीम ने यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की। उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए प्रत्येक यात्री का रक्तचाप, ऑक्सीजन स्तर, हृदय गति और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय मानकों के आधार पर परीक्षण किया गया।

स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान यात्रियों का सामान्य स्वास्थ्य, रक्तचाप, ऑक्सीजन संतृप्ति (एसपीओ₂), हृदय गति और उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा के लिए आवश्यक अन्य चिकित्सकीय मानकों के आधार पर परीक्षण किया गया। प्रशासन के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रत्येक दल का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जा रहा है, ताकि केवल चिकित्सकीय रूप से फिट यात्री ही आगे की यात्रा कर सकें।

इस दौरान सीमा सड़क संगठन(बीआरओ) के प्रोजेक्ट हीरक के मुख्य अभियंता आर.एस. राव (वीएसएम) ने अधिकारियों के साथ गुंजी पहुंचकर यात्रियों से मुलाकात की। उन्होंने यात्रियों का स्वागत करते हुए उनकी सुरक्षित, सफल और आध्यात्मिक रूप से मंगलमय कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में सामरिक सड़क अवसंरचना के विकास और रखरखाव के लिए बीआरओ लगातार कार्य कर रहा है। इन प्रयासों से लिपुलेख दर्रे तक सड़क संपर्क में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे कैलाश मानसरोवर यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनी है।

मुख्य अभियंता ने कहा कि बीआरओ हर मौसम में निर्बाध और विश्वसनीय सड़क संपर्क बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन सीमावर्ती क्षेत्रों में सामरिक अवसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए बेहतर संपर्क सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कठिन भौगोलिक और प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों में सड़क निर्माण एवं रखरखाव कार्यों में स्थानीय समुदायों के सहयोग की सराहना की।

यात्रियों ने भी बेहतर सड़क संपर्क और बीआरओ के अधिकारियों एवं कार्मिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर व्यवस्थाओं के कारण उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हुई है।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष भारत सरकार की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन लिपुलेख दर्रे के मार्ग से पुनः शुरू किया गया है। यात्रा के दौरान धारचूला, गुंजी और नाभीढांग जैसे पड़ावों पर यात्रियों की स्वास्थ्य जांच, आवास, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों की ओर से सुनिश्चित की जा रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय