सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, राष्ट्रसेवा का जज्बा बना रहता है : नितिन नवीन
हल्द्वानी, 10 सितंबर (हि.स.)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित गौरव सेनानी मिलन समारोह में कहा कि सैनिक देश की सुख-शांति और स्वतंत्रता के आधार हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक सेवा से सेवानिवृत्त हो सकता है, लेकिन उसका राष्ट्रप्रेम और देशसेवा का जज्बा कभी सेवानिवृत्त नहीं होता।
नवीन ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है, जिसने देश को अनेक वीर सैनिक दिए हैं। उन्होंने कुमाऊं रेजीमेंट के ध्येय वाक्य ‘पराक्रमो विजयते’ का उल्लेख करते हुए 1962 के रेजांग ला युद्ध में मेजर शैतान सिंह और जवानों के शौर्य को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने देश को जनरल बिपिन रावत जैसा सैन्य नेतृत्व भी दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सैनिकों के सम्मान और सुविधाओं को प्राथमिकता मिली है। सरकार ने 46 वर्षों से लंबित ‘वन रैंक वन पेंशन’ को लागू किया। सीमांत गांवों को ‘अंतिम गांव’ के बजाय ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकसित करने की सोच के साथ सीमा क्षेत्रों में सड़क और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दिवाली और होली जैसे त्योहार सैनिकों के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि आज लाल चौक पर तिरंगा शान से लहराता है, जो देशवासियों और सैनिकों के लिए गर्व का विषय है।
नवीन ने युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों का अनुभव कराने के लिए शिक्षा व्यवस्था में ‘सरहद दर्शन’ जैसे कार्यक्रम शुरू करने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि इससे युवा सैनिकों की परिस्थितियों और सीमा सुरक्षा के महत्व को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
उन्होंने रक्षा उत्पादन और निर्यात में देश की बढ़ती क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सैनिक परिवारों के लिए किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।
सम्मेलन से पहले नवीन ने बेरीपड़ाव स्थित अष्टादश भुजा महालक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की और शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने हल्दूचौड़ बूथ अध्यक्ष राकेश चंद्र आर्य के आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं का सम्मान किया और कहा कि सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है। पूर्व सैनिक अपने अनुशासन, अनुभव और राष्ट्रभक्ति से समाज को दिशा देने का काम करते हैं।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है और यहां से अनेक वीर सैनिक देश को मिले हैं। उन्होंने विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरबान सिंह नेगी और गबर सिंह नेगी से लेकर जनरल बीसी जोशी और जनरल बिपिन रावत तक के योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा क्षमता मजबूत हुई है और भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ‘वन रैंक-वन पेंशन’ को पूर्व सैनिकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जो वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान का प्रतीक बनेगा।
धामी ने बताया कि शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। परमवीर चक्र विजेताओं की एकमुश्त अनुदान राशि 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है। बलिदानी सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति के लिए आवेदन की समय-सीमा दो से बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है।
उन्होंने कहा कि सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। सरकार सैनिक परिवारों से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए भी प्रयासरत है।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कर्नल अजय कोठियाल,सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कार्यक्रम संयोजक सुरेश भट्ट और पूर्व मेयर जोगेंद्र रौतेला, ध्रुव रौतेला सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, सैनिक परिवार, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

