हरिद्वार : सुल्तानपुर मस्जिद की अवैध ऊंची मीनारों को हटाने का काम शुरू
हरिद्वार, 07 जून (हि.स.)। उत्तराखंड की सरकार राज्य में अवैध निर्माण काे लेकर लगातार सख्ती बरत रही है। तीर्थनगरी हरिद्वार जिले के सुल्तानपुर नगर पंचायत क्षेत्र में निर्माणाधीन मस्जिद की अनधिकृत व अवैध रूप से बनी ऊंची मीनारों को हटाने का काम शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में पुरानी जामा मस्जिद की जगह नई और बड़ी मस्जिद के निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। वर्ष 2025 में मस्जिद की मीनार की ऊंचाई को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें निर्धारित सीमा से अधिक ऊंचाई होने का दावा किया गया था। मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जांच के निर्देश दिए थे। जांच में मस्जिद और ऊंची मीनारों को मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया और न ही इसके निर्माण के लिए जिला प्रशासन अथवा प्राधिकरण से कोई अनुमति ली गई थी। तब डीएम हरिद्वार ने इसके निर्माण पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया था, जिसके बाद उक्त मस्जिद के निर्माण कार्य को रोक दिया गया था।
जानकारी के अनुसार सुल्तानपुर की इस मस्जिद के निर्माण से पूर्व इसका नक्शा पास नहीं करवाया गया और फायर सेफ्टी व लोकनिर्माण सहित अन्य किसी विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया। बावजूद इसके मस्जिद में 250 फिट ऊंची मीनारें खड़ी कर दी गई।
बताया गया कि इस मस्जिद को राज्य की सबसे बड़ी मस्जिद बता कर धन संग्रह किया गया है। विदित हो कि सुप्रीम कोर्ट का 2009 और 2016 का ऐसा निर्देश है कि कोई भी धार्मिक भवन या संरचना बिना जिला अधिकारी की अनुमति के नहीं बनाई जा सकती। इसके पीछे वजह यही थी कि एक तो धार्मिक संरचना, सरकारी भूमि पर न बने और इसके निर्माण में सुरक्षा के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।
सुल्तानपुर मस्जिद निर्माण को लेकर हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित का कहना है कि बीते अक्टूबर में ये विषय संज्ञान में आया था तब वहां नोटिस देकर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था। अब मस्जिद कमेटी ने स्वयं मीनारों को हटाने का प्रस्ताव दिया, जिसे प्रशासन ने स्वीकृति दे दी है। मीनारों की ऊंचाई को देखते हुए उसे मैन्युअली ही हटाना संभव है, क्योंकि मशीनों के प्रयोग से दुर्घटना का भय है। फिलहाल लक्सर एसडीएम अनिल शुक्ला उक्त मस्जिद की ऊंची मीनारों को हटाने के लिए मॉनिटिरिंग कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड राज्य में कई मस्जिदों ने निर्माण की अनुमति नहीं ली है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में 722 से अधिक मस्जिदों का निर्माण हो चुका है। इनमें सबसे ज्यादा 322 मस्जिदें हरिद्वार जिले में है। देहरादून जिले में 155, उधमसिंह नगर में 144 और नैनीताल जिले में 48 मस्जिदें है। खास बात यह कि इनमें से शायद ही कोई ऐसी मस्जिद हो जिसमें भव्यता का निर्माण कार्य न चल रहा हो। यहां सबसे ऊंची मीनार बनाने या सबसे बड़ी मस्जिद बनाने का कंप्टीशन सा चल रहा। जांच में सामने आया है कि अधिकांश मस्जिदों के निर्माण संबंधी अनुमति नहीं ली गयी है। अनुमति के लिए भूमि, संस्था पंजीकरण, आय व्यय का ब्यौरा और अन्य दस्तावेज दिखाने पड़ते है जोकि बहुत से मस्जिद प्रबंधकों के पास नहीं हैं। इनमें से कई मस्जिद व मजार नुमा इमारतें ऐसी है जोकि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके बनाई गई है और फिर उन्हें वक्फ बोर्ड में पंजीकृत करवा दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

