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भाजपा ने दिनेश आर्य को उत्तराखंड से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया

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भाजपा ने दिनेश आर्य को उत्तराखंड से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया


-चार दशक से संगठन में सक्रिय, विद्यार्थी परिषद से शुरू किया था राजनीतिक सफर

नैनीताल, 04 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट के लिए नैनीताल के वरिष्ठ नेता दिनेश आर्य को उम्मीदवार घोषित किया है। करीब चार दशक से भाजपा संगठन में सक्रिय आर्य ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की थी। जिला स्तर से संगठन की राजनीति में आगे बढ़ते हुए वह प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उत्तराखंड सरकार में भी उन्हें राज्य मंत्री स्तर का दायित्व मिला मिल चुका है।

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार को राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के लिए उत्तराखंड से दिनेश आर्य के नाम की घोषणा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आर्य को प्रत्याशी बनाए जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने अनुभवी और कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में आर्य का चयन किया है।

नैनीताल से जुड़े दिनेश आर्य ने वर्ष 1985 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता के रूप में संगठनात्मक जीवन की शुरुआत की। एक वर्ष बाद 1986 में उन्हें एबीवीपी का नैनीताल जिला संयोजक बनाया गया। वर्ष 1988 तक विद्यार्थी परिषद में जिम्मेदारी निभाने के बाद वह भाजपा संगठन में सक्रिय हो गए।

भाजपा में उनका सफर युवा मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा से आगे बढ़ा। वर्ष 1988 से 1991 तक वह युवा मोर्चा के नैनीताल जिला मंत्री रहे। इसके बाद 1992 से 1995 तक अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष और 1996 से 1998 तक युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2001-02 में वह अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रहे। वर्ष 2002 से भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में रहे और 2007 से 2010 तक पार्टी के नैनीताल जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।

संगठन में सक्रियता के साथ आर्य की भूमिका राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची। वर्ष 2017 से 2021 तक वह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव और पंजाब प्रभारी रहे। वर्ष 2021 में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी के रूप में भी काम किया। वर्ष 2023 से वह उत्तराखंड सरकार की राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष हैं। उन्हें राज्य मंत्री स्तर का दायित्व प्राप्त है।

दिनेश आर्य नैनीताल विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट के दावेदारों में भी रहे हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने टिकट के लिए दावेदारी की थी। पार्टी ने उस चुनाव में सरिता आर्य को प्रत्याशी बनाया था। उस समय आर्य ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन पत्र भी खरीदा था, लेकिन बाद में वह भाजपा संगठन के साथ बने रहे।

अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाकर राष्ट्रीय राजनीति के उच्च सदन में जाने का अवसर दिया है। उनके चयन को लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे नेता को उच्च सदन में प्रतिनिधित्व देने के फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।

नैनीताल से आने वाले दिनेश आर्य की उम्मीदवारी के साथ राज्यसभा में कुमाऊं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चा शुरू हुई है। इससे पहले कुमाऊं क्षेत्र से कांग्रेस के महेंद्र सिंह माहरा और प्रदीप टम्टा राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। ऐसे में भाजपा की ओर से नैनीताल के नेता को प्रत्याशी बनाया जाना क्षेत्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

राज्यसभा चुनाव के लिए छह अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। सात अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और नौ अक्टूबर तक नाम वापसी होगी। मतदान 16 अक्टूबर को होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी