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यौन उत्पीड़न मामले में ट्रेनी आईपीएस अधिकारी गिरफ्तार, एनपीए ने पहले ही किया था निलंबित

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यौन उत्पीड़न मामले में ट्रेनी आईपीएस अधिकारी गिरफ्तार, एनपीए ने पहले ही किया था निलंबित


हैदराबाद, 29 जुलाई (हि.स.)। हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एनपीए) की एक साथी ट्रेनी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में अट्टापुर पुलिस ने बुधवार को आरोपित ट्रेनी आईपीएस अधिकारी उदय कृष्णा रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया। शिकायत दर्ज होने के लगभग दस दिन बाद हुई इस गिरफ्तारी को मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि रेड्डी ने आत्मसमर्पण किया या उसे गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उदय कृष्णा रेड्डी का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए उसे उस्मानिया जनरल अस्पताल भेजा। इसके बाद उसे न्यायिक रिमांड के लिए राजेंद्रनगर स्थित अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में मीडिया में यह खबर सामने आई थी कि उदय कृष्णा रेड्डी ने कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किया था। बताया गया कि उन्हें एसआर नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार किया गया। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

यह मामला कर्नाटक कैडर की 30 वर्षीय विवाहित ट्रेनी आईपीएस अधिकारी द्वारा 18 जुलाई को दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उदय कृष्णा रेड्डी ने उनके साथ लगातार यौन उत्पीड़न किया और कई बार शारीरिक हिंसा भी की। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपित ने उन्हें अशोभनीय संदेश भेजे, जबरन एक कमरे में ले गया, बाल खींचकर मारपीट की, गला घोंटने का प्रयास किया और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपित ने उनकी जानकारी के बिना एक निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उसे उनके पति को भेजकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की। इन आरोपों के आधार पर अट्टापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय पुलिस अकादमी ने भी आंतरिक जांच कराई। अकादमी की जांच समिति ने कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा की। जांच के बाद प्रथम दृष्टया आरोपों में आधार मिलने पर अकादमी ने उदय कृष्णा रेड्डी को निलंबित कर दिया।

बताया जाता है कि कथित आत्महत्या के प्रयास से पहले उदय कृष्णा रेड्डी ने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक संदेश साझा कर अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था और दावा किया था कि उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है।

उदय कृष्णा रेड्डी की पहचान एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी के रूप में भी रही है। उन्होंने वर्ष 2019 तक आंध्र प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के रूप में सेवा दी। इसके बाद नौकरी से इस्तीफा देकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी की और वर्ष 2024 में परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयनित हुए। कांस्टेबल से आईपीएस अधिकारी बनने की उनकी यात्रा उस समय व्यापक चर्चा में रही थी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी उन्हें सार्वजनिक रूप से बधाई दी थी।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने और अदालत की कार्यवाही आगे बढ़ने के बाद ही मामले के सभी तथ्यों और आरोपों की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj