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ट्राई ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म किया शुरू

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ट्राई ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म किया शुरू


नई दिल्ली, 25 सितंबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने संपत्तियों में डिजिटल कनेक्टिविटी को पारदर्शी और मापनीय बनाने की दिशा में डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया है। दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की ओर से शुरू किए गए इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपभोक्ता किसी संपत्ति की डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग देख सकेंगे और संपत्ति खरीदने या किराये पर लेने से पहले कनेक्टिविटी से संबंधित जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकेंगे।

केंद्रीय संचार मंत्रालय के अनुसार, ट्राई ने शुक्रवार को डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (डीसीआर) प्लेटफॉर्म शुरू किया। यह मंच संपत्तियों की डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने के साथ उपभोक्ताओं को रेटिंग देखने और प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता जांचने की सुविधा देता है। इसके साथ डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच के लिए मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है।

डीसीआर प्लेटफॉर्म दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की ओर से 2024 में जारी ‘डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग विनियम’ और मई में जारी इसके संशोधित विनियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया को लागू करने में मदद करेगा। ट्राई ने जून 2026 में रेटिंग मैनुअल-2026 भी जारी किया था, जिसमें रेटिंग की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं के लिए सार्वजनिक सुविधा उपलब्ध होगी, जहां वे डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए रेटिंग प्राप्त संपत्तियों की जानकारी देख सकेंगे। संपत्ति प्रबंधक, पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी और उपभोक्ता एक ही डिजिटल मंच से जुड़ सकेंगे।

संपत्ति प्रबंधक सार्वजनिक, सरकारी, वाणिज्यिक और निजी जैसी श्रेणियों में अपनी संपत्तियों का पंजीकरण कर सकेंगे। वे रेटिंग के लिए आवेदन जमा करने, निर्धारित जानकारी और दस्तावेज अपलोड करने, पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी का चयन करने और आवेदन की स्थिति पर नजर रखने में सक्षम होंगे। मंच निर्मित और निर्माणाधीन दोनों तरह की संपत्तियों के आकलन की निर्धारित प्रक्रिया को समर्थन देगा।

पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां उन्हें सौंपे गए आवेदनों तक पहुंच सकेंगी और संपत्तियों का आकलन कर सकेंगी। वे अपने निरीक्षण, परीक्षण परिणाम और अन्य संबंधित जानकारी दर्ज करने के साथ आवश्यक दस्तावेजों का प्रबंधन कर सकेंगी। इसके माध्यम से आकलन, रिपोर्ट तैयार करने, प्रमाणन और रेटिंग प्रकाशित करने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से पूरी की जा सकेगी।

क्षेत्रीय आकलन के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों के लिए विशेष मोबाइल ऐप उपलब्ध कराया गया है। अधिकृत एजेंसियां इस ऐप के माध्यम से निर्धारित परीक्षण पद्धति के अनुसार भवन के भीतर डिजिटल कनेक्टिविटी का मापन कर सकेंगी। वेब पोर्टल पर उपलब्ध संपत्ति संबंधी जानकारी और मोबाइल ऐप से जुटाए गए आकलन संबंधी आंकड़े प्लेटफॉर्म पर आपस में समन्वित किए जाएंगे।

प्लेटफॉर्म में दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों के डिजिटल हस्ताक्षर एवं सत्यापन के लिए ई-साइन की सुविधा भी शामिल है। इसके अलावा लागू रेटिंग शुल्क के ऑनलाइन भुगतान, ईमेल और एसएमएस अलर्ट तथा संपत्तियों के रिकॉर्ड, परीक्षण परिणाम, प्रमाणपत्र और ऑडिट रिकॉर्ड के सुरक्षित भंडारण की सुविधा उपलब्ध होगी।

उपभोक्ता संपत्ति के नाम, प्रमाणपत्र पहचान संख्या या स्थान के आधार पर रेटिंग प्राप्त संपत्ति खोज सकेंगे। वे संपत्ति का डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित रेटिंग प्रमाणपत्र देख सकेंगे और प्रमाणपत्र पर उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि कर सकेंगे।

ट्राई के अनुसार, इससे किसी संपत्ति की डिजिटल कनेक्टिविटी एक ऐसे गुण के रूप में सामने आएगी, जिसे उपभोक्ता देख और सत्यापित कर सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को घर या कार्यालय खरीदने अथवा किराये पर लेने से पहले उपलब्ध डिजिटल कनेक्टिविटी की जानकारी मिल सकेगी। वे विभिन्न संपत्तियों की रेटिंग की तुलना भी कर सकेंगे।

ट्राई के अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म संपत्तियों की डिजिटल कनेक्टिविटी की तैयारी का आकलन करने के लिए पारदर्शी और मानकीकृत व्यवस्था स्थापित करता है। सार्वजनिक रूप से रेटिंग खोजने और प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने की सुविधा से उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और तुलनीय जानकारी मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को बेहतर और विश्वसनीय कनेक्टिविटी वाले घरों और कार्यालयों का चयन करने में मदद मिलेगी। इससे कॉल, डाउनलोड और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने वाली कनेक्टिविटी व्यवस्था की जानकारी भी उपभोक्ताओं को मिल सकेगी। साथ ही, संपत्ति में डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए तैयार किए गए बुनियादी ढांचे के महत्व को समझने और संपत्ति प्रबंधकों को विकास के उचित चरण में ऐसी व्यवस्था की योजना बनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

डीसीआर ढांचा संपत्तियों के भीतर डिजिटल कनेक्टिविटी के मूल्यांकन के लिए मानकीकृत पद्धति उपलब्ध कराता है। इसमें फाइबर की तैयारी, मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता, भवन के भीतर कनेक्टिविटी समाधान और वाई-फाई बुनियादी ढांचे से संबंधित निर्धारित मानकों को शामिल किया गया है। संपत्तियों की विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग मानक लागू होंगे।

ट्राई के अनुसार, इस ढांचे का उद्देश्य संपत्ति के विकास के उचित चरण में डिजिटल कनेक्टिविटी बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही मौजूदा संपत्तियों में उपलब्ध बुनियादी ढांचे और डिजिटल कनेक्टिविटी के प्रदर्शन का आकलन करने की व्यवस्था उपलब्ध कराना भी इसका उद्देश्य है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर