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ट्राई स्थापना दिवस पर टीवी पहुंच, नेटवर्क स्लाइसिंग पर चर्चा का आयोजन, सिंधिया ने दी शुभकामनाएं

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ट्राई स्थापना दिवस पर टीवी पहुंच, नेटवर्क स्लाइसिंग पर चर्चा का आयोजन, सिंधिया ने दी शुभकामनाएं


नई दिल्ली, 25 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अपने स्थापना दिवस पर 'हर घर तक टेलीविजन नेटवर्क की पहुंच: नीति, तकनीक और कारोबारी रणनीतियां' और 'नेटवर्क स्लाइसिंग और नेट की उदासीनता' जैसे विषयों पर चर्चा की।

ट्राई ने यहां विश्व व्यापार केंद्र में बुधवार को अपना 29वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर ट्राई अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी, सचिव अतुल कुमार चौधरी, सदस्य रितु रंजन मित्तर, डॉ एमपी तंगिराला, प्रो. रंजन बोस, नीलकंठ मिश्रा, आईआईएम अहमदाबाद के प्रो. विश्वनाथ पिंगाली, सूचना प्रसारण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रभात कुमार, केसीसीएल के सीईओ पद्म कुमार, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के अध्यक्ष यू के श्रीवास्तव, एसिक्सन से उमंग जिंदल और ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम से अनिल टंडन मौजूद रहे।

कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का वीडियो संदेश भी साझा किया गया। उन्होंने ट्राई को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि नई तकनीकों के दौर में सही नियामक व्यवस्था जरूरी है।

अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि 5जी और भविष्य की 6जी जैसी तकनीकें नेटवर्क और सेवाओं को नया रूप दे रही हैं। ऐसे में नियामक ढांचे को लचीला और पारदर्शी बनाए रखना जरूरी है ताकि नवाचार को बढ़ावा मिले और उपभोक्ता हित सुरक्षित रहें।

सचिव अतुल कुमार चौधरी ने साल 1997 में प्राधिकरण की स्थापना को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्र नियामक संस्था ने उपभोक्ता हितों की रक्षा और दूरसंचार क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने टीवी की सामाजिक समावेशन में भूमिका और नई तकनीकों जैसे नेटवर्क स्लाइसिंग में पारदर्शिता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

ट्राई के सदस्य रितु रंजन मित्तर ने कहा कि पारदर्शी परामर्श प्रक्रिया और नवाचार को बढ़ावा देना दूरसंचार क्षेत्र की स्थिरता के लिए जरूरी है। सदस्य डॉ. एमपी तंगिराला ने तकनीकी मानकीकरण और डेटा आधारित नियमन की अहमियत बताई। प्रो. रंजन बोस ने शिक्षा जगत और उद्योग के साथ सहयोग को नवाचार के लिए महत्वपूर्ण बताया। सदस्य नीलकंठ मिश्रा ने डिजिटल ढांचे को भारत की आर्थिक वृद्धि का आधार बताते हुए नियामक स्पष्टता और प्रतिस्पर्धी तटस्थता पर जोर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर