प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में 4,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ, तिरुपरंकुंद्रम मुरुगन मंदिर में किए दर्शन
मदुरै, 01 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दो दिवसीय तमिलनाडु दौरे के दौरान रविवार को मदुरै स्थित प्रसिद्ध तिरुपरंकुंद्रम मुरुगन मंदिर में भगवान मुरुगन के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर, तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जनसभा में भाग लेने के लिए तमिलनाडु पहुंचे हैं। अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में आयोजित कल्याणकारी योजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम से की।
इसके बाद प्रधानमंत्री मदुरै हवाई अड्डे पर आयोजित एक भव्य समारोह में शामिल हुए, जहां उन्होंने तमिलनाडु के बुनियादी ढांचे और परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से लगभग 4,400 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।
प्रधानमंत्री ने जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनमें परमक्कुडी–रामनाथपुरम के बीच 1,853 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चार-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना शामिल है। इसके अतिरिक्त मरक्कानम–पुडुचेरी चार-लेन सड़क परियोजना का भी शुभारंभ किया गया, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री ने रामेश्वरम–बेंगलुरु तथा तांबरम–मंगलुरु के बीच अमृत भारत ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की। साथ ही राज्य में उन्नत किए गए आठ रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया गया और चेन्नई बीच–एग्मोर के बीच निर्मित चौथी रेल लाइन राष्ट्र को समर्पित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारतीय रेलवे में अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु की रेलवे परियोजनाओं के लिए बजट आवंटन में नौ गुना वृद्धि की गई है तथा बीते एक दशक में राज्य में लगभग 1,300 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं, जिससे यातायात सुविधा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने आदिचनल्लूर को विश्वस्तरीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की। साथ ही पुलिकट झील और पोधिगई पहाड़ियों के आसपास पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना पर भी प्रकाश डाला, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 15 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विकास में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है।
अपने कार्यक्रमों के समापन के बाद प्रधानमंत्री तिरुपरंकुंद्रम मुरुगन मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने देश की सुख-समृद्धि, शांति और नागरिकों के कल्याण की कामना करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की।
प्रधानमंत्री का यह दौरा तमिलनाडु में बुनियादी ढांचे के विस्तार, रेल एवं सड़क संपर्क सुधार तथा पर्यटन विकास को नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है।---------
हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

