तमिलनाडु सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी: थोल. थिरुमावलवन
मदुरै, 30 जून (हि.स.)। विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची (वीसीके) के अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन ने विश्वास जताया है कि तमिलनाडु की मौजूदा सरकार अपना पांच वर्षीय कार्यकाल बिना किसी राजनीतिक संकट के पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल सभी सहयोगी दल अपने वादे और प्रतिबद्धता पर कायम हैं तथा सरकार को पूरा समर्थन दे रहे हैं।
मदुरै जिले के मेलूर में मेलावलवु मुरुगेसन की स्मृति सभा में भाग लेने पहुंचे थिरुमावलवन ने मंगलवार को मदुरै के चिन्ना सिक्किकुलम स्थित एक निजी होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान विभिन्न राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर अपनी राय रखी।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि तीन महीने में चुनाव हो सकते हैं, थिरुमावलवन ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि यह टिप्पणी किस संदर्भ में की गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी दल सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि वीसीके, वामपंथी दल और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग सरकार को अपना समर्थन जारी रखेंगे। वहीं कांग्रेस भी स्थानीय निकाय और आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए गठबंधन को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान सरकार अपना पूरा कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी।
तमिलगा वेत्रि कड़गम (टीवीके) की ओर से बुलाई गई बैठक और संभावित नए राजनीतिक समीकरणों के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वहां किन मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि उन्हें चाय-भोज (टी पार्टी) के लिए आमंत्रित किया गया है और वह पार्टी के महासचिव सिंधनै सेल्वन के साथ बैठक में भाग लेंगे।
अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के विधायकों के लगातार इस्तीफों पर प्रतिक्रिया देते हुए थिरुमावलवन ने कहा कि इस विषय पर अटकलें लगाने के बजाय यह समझना जरूरी है कि संबंधित विधायकों ने इस्तीफा क्यों दिया। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए छह विधायकों का इस्तीफा पार्टी के भीतर किसी गंभीर समस्या की ओर संकेत करता है और इसका जवाब अन्नाद्रमुक नेतृत्व को जनता के सामने देना चाहिए।
स्कूलों में जातीय पहचान को बढ़ावा देने से रोकने के लिए तमिलनाडु सरकार द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों के पहचान पत्र में जाति का उल्लेख करने के प्रस्ताव को विरोध के बाद वापस ले लिया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री जातीय पहचान को बढ़ावा नहीं देने की अपनी नीति पर दृढ़ हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में भी इसी नीति पर कायम रहेगी।
मंत्री सरथकुमार पर लगाए गए मादक पदार्थों के सेवन संबंधी आरोपों के बारे में पूछे जाने पर थिरुमावलवन ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के वह इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि केवल तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि पूरे देश में नशीले पदार्थों का प्रचलन बढ़ रहा है। ऐसे में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय इसके पीछे सक्रिय लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना अधिक आवश्यक है।
केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के विभाग में संभावित बदलाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है, इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

