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कोयंबटूर में सिलेंडर विस्फोट के बाद मजदूरों के अस्थायी आवास में भीषण आग, जनहानि टली

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कोयंबटूर, 29 अगस्त (हि.स.)। तमिलनाडु के कोयंबटूर में नवा इंडिया इलाके में शनिवार को रसोई गैस सिलेंडरों में लगातार विस्फोट के बाद उत्तर भारतीय मजदूरों के लिए बनाए गए अस्थायी आवासों में भीषण आग लग गई। हादसे में 70 से अधिक टीन के अस्थायी घर जलकर राख हो गए। हालांकि, घटना के समय मजदूर काम पर गए हुए थे, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

दरअसल, नवा इंडिया इलाके में एक निजी निर्माण कार्य के लिए टीन की चादरों से अस्थायी आवास बनाए गए थे। इनमें 200 से अधिक उत्तर भारतीय मजदूर रह रहे थे। शनिवार को रोज की तरह सभी मजदूर काम पर गए हुए थे। इसी दौरान एक अस्थायी आवास में अचानक सिलेंडर में विस्फोट हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई।

आग की चपेट में आने के बाद कई रसोई गैस सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे। लगातार हो रहे विस्फोटों से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आग ने तेजी से आसपास के अस्थायी आवासों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही समय में मजदूरों के रहने के लिए बनाए गए 70 से अधिक टीन के घर आग की चपेट में आ गए।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमों को मौके पर भेजा गया। उत्तर, दक्षिण, गणपति और पीलीमेडु दमकल केंद्रों से 40 से अधिक दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

आग के और फैलने की आशंका को देखते हुए दमकलकर्मियों ने घटनास्थल पर मौजूद करीब 35 ऐसे सिलेंडरों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जो आग की चपेट में आने से बचे हुए थे। इससे एक बड़े हादसे की आशंका को टालने में मदद मिली।

जिला अग्निशमन अधिकारी के अनुसार, घटना के समय सभी मजदूर काम पर गए हुए थे। इस वजह से हादसे में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग में मजदूरों के रहने के लिए बनाए गए अस्थायी आवास और उनमें रखा सामान जलकर नष्ट हो गया।

दमकल विभाग की ओर से आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है। आग लगने के वास्तविक कारणों और सिलेंडरों में हुए विस्फोट की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित मजदूरों के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV