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मुख्यमंत्री के विशेष प्रकोष्ठ में उमड़ी लोगों की भीड़, शिकायतें सौंपने के लिए कामराजर सलाई तक लगी कतार

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मुख्यमंत्री के विशेष प्रकोष्ठ में उमड़ी लोगों की भीड़, शिकायतें सौंपने के लिए कामराजर सलाई तक लगी कतार


चेन्नई, 13 जुलाई (हि.स.)। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री के विशेष प्रकोष्ठ (सीएम स्पेशल सेल) में अपनी मांगों और शिकायतों से संबंधित आवेदन जमा कराने के लिए सोमवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भीड़ इतनी अधिक रही कि सचिवालय परिसर से लेकर कामराजर सलाई तक लोगों की लंबी कतारें लग गईं।

अधिकारियों के अनुसार, सप्ताह का पहला कार्य दिवस होने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संख्या में लोग सचिवालय पहुंचे। सुबह से ही चेन्नई सहित राज्य के विभिन्न जिलों से 700 से अधिक लोग अपनी शिकायतें और मांगें लेकर मुख्यमंत्री के विशेष प्रकोष्ठ पहुंचे। भीड़ बढ़ने के कारण कई लोगों को सचिवालय परिसर के बाहर कतार में इंतजार करना पड़ा।

अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के सीधे सचिवालय पहुंचने का प्रमुख कारण मुख्यमंत्री के विशेष प्रकोष्ठ पर उनका भरोसा है। लोगों को विश्वास है कि उनकी आजीविका, कल्याणकारी योजनाओं और अन्य जनसमस्याओं से जुड़ी शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री के विशेष प्रकोष्ठ में ऑनलाइन माध्यम से भी शिकायतें और आवेदन दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन करने पर आवेदकों को डिजिटल रसीद भी जारी की जाती है। इसके बावजूद अधिकांश लोग स्वयं सचिवालय पहुंचकर अधिकारियों को सीधे आवेदन सौंपना अधिक प्रभावी मानते हैं। उनका कहना है कि व्यक्तिगत रूप से आवेदन जमा करने से यह भरोसा रहता है कि शिकायत संबंधित कार्यालय तक पहुंच गई है। साथ ही उन्हें तत्काल क्रम संख्या सहित रसीद भी मिल जाती है, जिससे कार्रवाई की उम्मीद और मजबूत होती है।

सचिवालय में आने वाले लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रवेश द्वार पर सभी आवेदकों की गहन जांच की जाती है। इसके बाद आधार कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र की फोटोकॉपी का सत्यापन कर उसे जमा कराया जाता है। सुरक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदकों को मुख्यमंत्री के विशेष प्रकोष्ठ में भेजा जाता है, जहां वे अधिकारियों को अपना आवेदन सौंपते हैं। आवेदन जमा करने के बाद उन्हें वैकल्पिक मार्ग से बाहर भेजने की व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ का दबाव नियंत्रित रहे।

उल्लेखनीय है कि नई सरकार के कार्यभार संभालने के शुरुआती सप्ताह में सचिवालय में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए लोगों को विशेष प्रकोष्ठ के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। उस समय आवेदन जमा करने के लिए सचिवालय के बाहर शिकायत पेटियां रखी गई थीं। इस व्यवस्था की आम लोगों और राजनीतिक दलों ने आलोचना की थी।

बाद में सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए पुरानी प्रणाली बहाल कर दी। अब लोग सीधे मुख्यमंत्री के विशेष प्रकोष्ठ में जाकर अधिकारियों को अपना आवेदन सौंप सकते हैं। इसके बाद से बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन अपनी समस्याओं और मांगों के समाधान की उम्मीद लेकर राज्य सचिवालय पहुंच रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV