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तमिलनाडु में ताजपोशी के बाद विजय ने तिरुचिरापल्ली पूर्वी सीट छोड़ी, दो विशेष सचिवों की नियुक्ति

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तमिलनाडु में ताजपोशी के बाद विजय ने तिरुचिरापल्ली पूर्वी सीट छोड़ी, दो विशेष सचिवों की नियुक्ति


चेन्नई, 10 अप्रैल (हि.स.)। तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) अध्यक्ष और अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद तिरुचिरापल्ली पूर्वी विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पेरम्बूर सीट को अपने पास बरकरार रखा है। विजय ने हालिया विधानसभा चुनाव में दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत हासिल की थी।

इससे पहले रविवार सुबह 10:15 बजे आयोजित भव्य समारोह में विजय ने तमिल भाषा में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी सहित कई प्रमुख नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने विधानसभा की एक सीट छोड़ने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने विधानसभा के प्रमुख सचिव के. श्रीनिवासन को तिरुचिरापल्ली पूर्वी सीट से अपना इस्तीफा भेजा। यह इस्तीफा मंत्रियों के.ए. सेंगोट्टैयन और पी. वेंकटरमन के माध्यम से सौंपा गया।

शपथ ग्रहण के बाद चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में विजय ने जनता को संबोधित करते हुए पारदर्शी और जवाबदेह शासन का वादा किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “वास्तविक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय” के सिद्धांतों पर काम करेगी।

मुख्यमंत्री के रूप में विजय ने राज्य में 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। इसके साथ ही मादक पदार्थों के बढ़ते खतरों से निपटने के लिए विशेष टास्क फोर्स के गठन और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन व विशेष बल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का पूरा ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा। उन्होंने किसानों और मछुआरों के हितों की रक्षा का भी भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री पद संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर विजय ने कई अहम प्रशासनिक फैसले लिए। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में दो विशेष सचिवों की नियुक्ति की। वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पी. सेंथिल कुमार और जी. लक्ष्मी प्रिया को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सहयोगी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विजय का मुख्यमंत्री बनना तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। करीब 60 वर्षों बाद राज्य में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (द्रमुक) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के अलावा किसी अन्य दल की सरकार सत्ता में आई है।

तमिलनाडु में राजनीतिक हलकों के साथ-साथ आम जनता में भी नई सरकार को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय राज्य में नई राजनीतिक संस्कृति और प्रशासनिक बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उदय कुमार सिंह