तिरुवल्लूर हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका, 2-2 लाख रुपये मदद की घोषणा,जांच के आदेश
तिरुवल्लूर, 21 जून (हि.स.)। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक झींगा प्रसंस्करण फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को मुख्यमंत्री विजय ने दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही मृतकों के पार्थिव शरीरों को सरकारी खर्च पर उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने और अंतिम संस्कार की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
तिरुवल्लूर के निकट स्थित झींगा प्रसंस्करण फैक्ट्री में रविवार सुबह अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। इस हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक श्रमिक प्रभावित होकर अस्पताल में भर्ती हैं। बताया जा रहा है कि अधिकांश प्रभावित श्रमिक उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से रोजगार के लिए यहां आए हुए थे।
दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को मुख्यमंत्री सार्वजनिक राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मृतकों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह राज्यों तक सम्मानपूर्वक पहुंचाने और अंतिम संस्कार की व्यवस्था सरकारी खर्च पर सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने इस गंभीर औद्योगिक दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक, लोक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक तथा तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य-सचिव के नेतृत्व में जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया है। समिति को 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि इस हादसे में श्रमिकों की मृत्यु की सूचना से उन्हें गहरा दुख और पीड़ा पहुंची है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
इसके अलावा अस्पतालों में भर्ती घायलों को विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि दुर्घटना में मृत और घायल श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) तथा कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मिलने वाले सभी वैधानिक लाभ और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी खतरनाक और रासायनिक उद्योगों में तत्काल संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों को सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया है।
घटना के बाद राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, स्थानीय विधायक, जिला निगरानी अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा जिला कलेक्टर ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस दुखद हादसे पर तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। राजभवन द्वारा जारी बयान में कहा गया कि तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के निकट कन्निकैपय्यर गांव स्थित झींगा प्रसंस्करण फैक्ट्री में हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे में बहुमूल्य जानों के नुकसान और कई श्रमिकों के घायल होने से उन्हें अत्यंत दुख पहुंचा है।
राज्यपाल ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों को मानसिक शक्ति और साहस प्राप्त हो। उन्होंने अस्पतालों में भर्ती सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की है।
-----------
हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

