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आंध्र प्रदेश के तट पर मिले कासिमेडु के पांच मछुआरों के शव परिजनों को सौंपे गए

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आंध्र प्रदेश के तट पर मिले कासिमेडु के पांच मछुआरों के शव परिजनों को सौंपे गए


- नौ मछुआरे समुद्र में हुए थे लापता, सात के शव बरामद, दो की तलाश जारी

चेन्नई, 06 नवंबर (हि.स.)। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके से बरामद किए गए चेन्नई के कासिमेडु के पांच मछुआरों के शव शुक्रवार को उनके परिजनों को सौंप दिए गए। इस हादसे में लापता हुए नौ मछुआरों में से अब तक सात के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि शेष दो की तलाश जारी है।

दरअसल, चेन्नई के कासिमेडु मछली पकड़ने वाले बंदरगाह से गत 29 अक्टूबर को सेल्वाझगन के स्वामित्व वाली एक मशीनीकृत नाव पर नाव चालक सूर्या समेत नौ मछुआरे गहरे समुद्र में मछली पकड़ने गए थे। वे आंध्र प्रदेश के निजामपट्टनम के पास मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान तूफान की चेतावनी के मद्देनजर एहतियातन उन्होंने अपनी नाव निजामपट्टनम बंदरगाह पर खड़ी कर दी थी।

बाद में दोबारा मछली पकड़ने समुद्र में जाने के दौरान उनकी नाव का इंजन बीच समुद्र में खराब हो गया। बताया जाता है कि तीन नवंबर को मछुआरों ने पास से गुजर रही एक अन्य मशीनीकृत नाव के मछुआरों को इसकी सूचना दी थी। इसके बाद से उनका संपर्क टूट गया।

नौ मछुआरों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद तटरक्षक बल ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश के कोठापट्टनम समुद्र तट पर गुरुवार को पांच मछुआरों के शव बहकर किनारे आ गए थे। शुक्रवार को दो और मछुआरों के शव बरामद किए गए। शेष दो मछुआरों की तलाश जारी है।

इस बीच, राज्य के वित्त मंत्री एवं आरके नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक मारिया विल्सन तथा मत्स्य विभाग के अधिकारियों का एक दल आंध्र प्रदेश पहुंचा और शवों को चेन्नई लाने की व्यवस्था की। इसके बाद सभी बरामद शवों को एक-एक कर चेन्नई लाया गया। मत्स्य विभाग के मंत्री श्रीनाथ ने मछुआरों के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिजनों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की।

मछुआरों की तलाश के अभियान के संबंध में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री श्रीनाथ ने घटना को बेहद दुखद बताया। वहीं, मत्स्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मछुआरों के लापता होने की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। तटरक्षक बल के जवान लगातार तलाशी अभियान में जुटे थे। बड़ी संख्या में जवानों को तैनात करने के साथ हेलीकॉप्टर से भी समुद्र में दो बार तलाशी अभियान चलाया गया।----------

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV