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भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं: भाजपा

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भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं: भाजपा


नई दिल्ली, 16 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने मंगलवार को कहा कि सिख धर्म की पूज्य हस्तियों और भावनाओं के घोर अनादर से जुड़े विवादित वीडियो पर पंथ की सर्वोच्च संस्था के निर्णय के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कुर्सी पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं।

चुग ने कहा कि जब यह वीडियो कई महीने पहले सामने आया था, तब भगवंत मान ने इसे फर्जी बताकर खारिज कर दिया था और दावा किया था कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किया गया है।

चुग ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि 15 जून को पंथक हस्तियों, संस्थाओं और सिख संगठनों के साथ हुए विचार-विमर्श में पूरा सच सामने आ गया। यह वीडियो देश की दो प्रमाणित प्रयोगशालाओं में फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था और दोनों ने बिना किसी संदेह के निष्कर्ष दिया कि वीडियो असली है, उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई और वह एआई से निर्मित नहीं है। जिस जांच के लिए भगवंत मान ने स्वयं चुनौती दी थी, वही आज उनके अपने कृत्यों का अभियोग बन गई है।

चुग ने कहा कि इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर पंथ की सर्वोच्च संस्था ने भगवंत मान को गुरु द्रोही और सिख विरोधी घोषित कर संगत को उनका सामाजिक बहिष्कार करने का आदेश दिया है। यह एक अभूतपूर्व कलंक है, जिसने पूरे विश्व में बसी नानक नाम लेवा संगत की अंतरात्मा को झकझोर दिया है और किसी भी मुख्यमंत्री के समक्ष ऐसी नैतिक एवं राजनीतिक स्थिति कभी उत्पन्न नहीं हुई।

उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री का पद ईमानदारी, विनम्रता और जनता की आस्था एवं भावनाओं के प्रति सम्मान की माँग करता है। जब पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था ने ही ऐसा गंभीर अभियोग सुना दिया हो तो भगवंत मान के पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक आधार शेष नहीं रहता।

चुग ने भगवंत मान से तत्काल इस्तीफे की माँग करते हुए कहा कि यह अभियोग केवल मुख्यमंत्री तक सीमित नहीं है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के हर मंत्री, विधायक और पदाधिकारी से आह्वान किया कि वे श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश का सम्मान करते हुए सरकार में अपनी निरंतरता पर पुनर्विचार करें। चुग ने कहा कि जो मंत्रिमंडल पंथ की सर्वोच्च संस्था द्वारा गुरु द्रोही घोषित मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहा हो, उसे एक पल भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं और पूरे मंत्रिमंडल को पद छोड़ देना चाहिए।

चुग ने कहा कि कोई भी राजनीतिक पद धर्म, जवाबदेही और जनभावना से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब ऐसा नेतृत्व चाहता है जो उस आध्यात्मिक विरासत, बलिदानों और परंपराओं का सम्मान करे। जो इस प्रदेश की पहचान की नींव हैं, न कि ऐसी सरकार जो उनका उपहास करती हो।

उन्होंने कहा, पंजाब की संगत कभी अहंकार, छल और अपने पूज्य धार्मिक संस्थानों के अपमान को स्वीकार नहीं करेगी। भगवंत मान बिना देरी इस्तीफा दें, उनका पूरा मंत्रिमंडल पद छोड़े और सिख संगत से क्षमा माँगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी