न्यू मार्केट होटल अग्निकांड पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का आरोप, कहा-पूर्ववर्ती सरकार की लापरवाही का नतीजा
कोलकाता, 19 अगस्त (हि.स.)। कोलकाता के न्यू मार्केट स्थित मिर्जा गालिब स्ट्रीट के होटल में मंगलवार रात हुए भीषण अग्निकांड को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अव्यवस्थित निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, पूर्व नगर विकास मंत्री और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने पलटवार करते हुए कहा कि केवल आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं होगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर कहा कि न्यू मार्केट के होटल में हुआ अग्निकांड पूर्ववर्ती सरकार की लापरवाही का भयावह उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से पर्याप्त नियंत्रण के बिना बुनियादी ढांचे का निर्माण होता रहा और अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए कई इमारतों को होटल तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अव्यवस्थित निर्माण से जुड़े मुद्दों से जानबूझकर अपना ध्यान हटाए रखा। नतीजतन मंगलवार देर रात मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल में लगी आग और धुएं की चपेट में आसपास के होटल भी आ गए। हादसे में दम घुटने से नौ लोगों की मौत हुई।
मुख्यमंत्री के बयान से पहले बुधवार सुबह नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और दमकल राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा किया। दोनों ने होटल की सुरक्षा व्यवस्था और पूर्ववर्ती नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कौशिक चौधरी ने बताया कि इमारत की प्रत्येक मंजिल पर चार-पांच होटल संचालित हो रहे थे। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश कमरों में खिड़कियां तक नहीं थीं। केवल एक कमरे में खिड़की थी, जहां से दमकलकर्मियों ने सीढ़ी की मदद से दो लोगों को बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि उचित अग्नि सुरक्षा व्यवस्था होती तो कई और लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
दमकल राज्य मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में कोलकाता नगर निगम की व्यवस्था का खामियाजा मौजूदा सरकार को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इमारत में होटल चलाने के लिए ट्रेड लाइसेंस और अन्य अनुमतियां कैसे दी गईं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
सरकार के आरोपों पर पूर्व नगर विकास मंत्री और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि किसी होटल के पास ट्रेड लाइसेंस है या नहीं, इसकी जांच करना अकेले मेयर की जिम्मेदारी नहीं है। उनके अनुसार, अग्नि सुरक्षा लाइसेंस और सुरक्षा ऑडिट से जुड़े मामलों की जांच दमकल विभाग के जिम्मे है।
हकीम ने कहा कि केवल एक-दूसरे पर आरोप लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने ऐसे मामलों से निपटने के लिए मानक कार्यप्रणाली तैयार करने और हर साल स्वतंत्र एजेंसी से अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने की जरूरत बताई।
पूर्व मेयर ने कहा कि सरकारी विभागों के पास सीमित मानव संसाधन होने के कारण हर होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान की नियमित जांच करना संभव नहीं है। स्वतंत्र एजेंसी से वार्षिक ऑडिट कराने से इस कमी को दूर किया जा सकता है।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कोलकाता के अग्निकांड पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

