महाराष्ट्र के बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार रिकॉर्ड जीत की ओर, कार्यकर्ताओं से जश्न न मनाने की अपील
पुणे, 04 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एपी) नेता सुनेत्रा पवार बारामती विधानसभा उपचुनाव में रिकॉर्ड जीत दर्ज करने की ओर अग्रसर हैं। इसी बीच उन्होंने समर्थन के लिए जनता का आभार जताया और पार्टी कार्यकर्ताओं से सार्वजनिक रूप से जश्न नहीं मनाने की अपील की है।
निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मौजूद नवीनतम रुझानों के अनुसार, सुनेत्रा पवार को 1,89,697 वोट मिले हैं। उनके 22 प्रतिद्वंद्वियों में से कोई भी 1000 वोटों का आंकड़ा भी नहीं छू पाया है।
मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। शुरुआत से ही सुनेत्रा पवार ने बढ़त बनाए रखी और हर राउंड में अपनी बढ़त को और मजबूत करती गईं। 21 राउंड की गिनती पूरे होने के उनकी बड़ी जीत लगभग तय है। इस बंपर समर्थन के लिए उन्होंने जनता का धन्यवाद किया और इस जीत को दिवंगत अजित पवार को याद सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि मैं बारामती के सभी लोगों का दिल से शुक्रिया अदा करती हूं। आपने मुझ पर जो भरोसा, प्यार और समर्थन दिखाया है, वह अनमोल है। यह अजित पवार के बाद पहला चुनाव है। उनके मार्गदर्शन और उनकी शारीरिक उपस्थिति से जो खालीपन आया है, वह आज सबसे ज़्यादा महसूस हो रहा है। मेरे लिए यह जीत सिर्फ़ एक राजनीतिक जीत नहीं है, बल्कि अजीत पवार के काम और उनकी याद को दी गई एक सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने महाराष्ट्र और बारामती के लिए जो काम किया, जनता के साथ उनका जो गहरा जुड़ाव था और विकास को लेकर उनका जो नजरिया था- ये सब आज भी हर किसी के दिल में गहरे बसे हुए हैं। यह उनके ही विचार और मूल्य हैं जो मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत देते रहते हैं।
सुनेत्रा पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ आपके अथक प्रयासों की वजह से ही संभव हो पाई है। उन्होंने अपील की कि जोर-शोर से जश्न मनाने के बजाय, हम अपनी जीत का जश्न अपने काम के जरिए मनाएं। पवार ने कहा कि मैं यह प्रण लेती हूं कि बारामती की जनता ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसे मैं कभी टूटने नहीं दूंगा।
उल्लेखनीय है कि अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। इसके बाद खाली हुई बारामती सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा, जिसमें कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी

