मध्य प्रदेश के धार जिले में वराह मार्च पर प्रशासन की सख्ती, 1000 पुलिसकर्मी तैनात, 7 गिरफ्तार
- तीन स्तर की गई बैरिकेडिंग, ड्रोन से हो रही निगरानी
धार, 15 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार जिले में मंगलवार को प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर प्रशासन ने शहर में सुरक्षा का घेरा मजबूत कर दिया है। रैली की अनुमति निरस्त होने के बावजूद सनातन प्रहरी समिति अपने तय कार्यक्रम पर अड़ी है। जिसके चलते 800 से 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही तीन स्तर की बैरिकेडिंग और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पुलिस ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
दरअसल, धार में भोजशाला के बाद अब लाट मस्जिद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस स्थल को हिंदू समाज विजय मंदिर और मुस्लिम समाज लाट मस्जिद मानता है। यहां मुस्लिम समाज के लोग नमाज अदा करते हैं, जबकि हिंदू समाज दशहरा पर्व के दौरान मिलन समारोह आयोजित करता है। हिंदूवादी संगठनों का दावा है कि जिसे लाट मस्जिद कहा जाता है, वह असल में परमार काल का विजय मंदिर है। इसी दावे को लेकर सनातन प्रहरी समिति ने 15 सितंबर यानि मंगलवार को दोपहर 2 बजे पीजी कॉलेज से विजय कीर्ति मंदिर तक बाइक रैली ‘वराह मार्च’ निकालने का ऐलान किया था। संवेदनशीलता को देखते हुए इस स्थल को आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने बंद रखा है। वराह मार्च को इसी स्थान तक ले जाने की घोषणा की गई थी।
प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए वराह मार्च को निरस्त कर दिया है। इसके बाद भी समिति के पदाधिकारियों ने अपने पहले से घोषित कार्यक्रम में बदलाव नहीं किया है। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने धार शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। करीब 800 से 1000 पुलिसकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल शहर में स्थिति सामान्य है, लेकिन संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वहीं, मुस्लिम समाज की ओर से भी वाहन रैली निकालने के लिए प्रशासन को आवेदन दिया गया था। प्रशासन ने इस रैली की अनुमति भी निरस्त कर दी है। पुलिस-प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए धार शहर में किसी भी प्रकार की रैली अथवा अन्य आयोजन की अनुमति नहीं दी गई है। शहर में पहले से धारा 163 लागू है। दोनों समुदायों से जुड़े इस स्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने आज संरक्षित इमारत को बंद रखने का निर्णय लिया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने बताया कि वराह मार्च के लिए बाइक रैली का आह्वान किया गया था, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति निरस्त कर दी है। कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शहर में अभी किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं है। पुलिस की टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बल को तैयार रखा गया है।
शहर में निगरानी के लिए पुलिस ने तकनीक का भी इस्तेमाल बढ़ा दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के अलावा हाईराइज बिल्डिंग से भी निगरानी की जा रही है। ड्रोन के जरिए भी शहर और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल लगाया गया है। प्रशासन ने शहर के बाहर से आने वाले लोगों से धार नहीं आने की अपील की है। पुलिस-प्रशासन ने इससे पहले शहर में वराह मार्च से जुड़े पोस्टर और बैनर भी हटवा दिए थे।
भोजशाला से जुड़े मामलों के बाद धार में पहले से ही संवेदनशीलता बनी हुई है। ऐसे में वराह मार्च को लेकर प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने, किसी संरक्षित इमारत को नुकसान पहुंचाने या किसी भी तरह की अनधिकृत गतिविधि करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, फिलहाल शहर में हालात सामान्य हैं। हालांकि दोपहर 2 बजे जिस समय वराह मार्च प्रस्तावित था, उस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी रखी जाएगी। पुलिस बल लगातार शहर में गश्त और निगरानी करता रहेगा।
संरक्षित इमारत के चारों ओर सुरक्षा का घेरा
संरक्षित इमारत की सुरक्षा के लिए चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई है। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद है और सुरक्षा के लिए तीन लेयर में बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस के एएसआई सहित जवान लगातार मौके पर निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने वहां चेतावनी वाला बैनर भी लगाया है। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि संरक्षित इमारत को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

