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अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण : साेनू सूद

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अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण : साेनू सूद


रायपुर, 27 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए अभिनेता सोनू सूद ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या

राम मंदिर में हुए कथित चंदा चोरी को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्हाेंने कहा कि जब कोई व्यक्ति राम मंदिर या किसी भी धार्मिक स्थल के दान में चोरी करता है तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि लोगों की आस्था के साथ विश्वासघात भी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस मामले में जल्द ही न्याय होगा और स्थिति सामान्य हो जाएगी।

यहां रायपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे अभिनेता सोनू सूद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे जबकि दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में सूद ने कहा कि धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं द्वारा किया गया दान आस्था और विश्वास का प्रतीक होता है। ऐसे धन का दुरुपयोग या चोरी करना अत्यंत गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की इस तरह के मामले में संलिप्तता साबित होती है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

अभिनेता सूद ने कहा कि ऐसे लोगों की संपत्तियां जब्त कर उन्हें समाजहित और जनकल्याण के कार्यों में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान के नाम पर किए गए दान में भी गड़बड़ी करते हैं, उनके प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। उन्हाेंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति राम मंदिर या किसी भी धार्मिक स्थल के दान में चोरी करता है तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि लोगों की आस्था के साथ विश्वासघात भी है। ऐसे लोगों की संपत्ति लेकर उसे समाज और जनकल्याण के कार्यों के लिए दान कर देना चाहिए।

उन्हाेंने आज नीट और यूनिफॉर्म सिविल कोड पर दुर्ग-भिलाई प्रवास के दौरान अपनी राय रखी है। उन्होंने भिलाई में आयोजित 'एसएससीसी वार्षिक बैठक 2026' और नागसेन हायर सेकेंडरी स्कूल के कार्यक्रम में शिरकत करते हुए मीडिया और युवाओं से खुलकर बात की। उन्हाेंने कहा कि परीक्षाओं को लेकर छात्रों पर किसी भी तरह का मानसिक दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक परीक्षा किसी भी छात्र के जीवन का अंतिम फैसला नहीं हो सकती, इसलिए बच्चों को तनाव मुक्त माहौल देना समाज और अभिभावकों की जिम्मेदारी है। समान नागरिक संहिता जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उन्हाेंने कहा कि देश में लोगों की सोच समय-समय पर बदलती रहती है। कई बार लोग अपने रास्ते से भटक जरूर जाते हैं, लेकिन आखिरकार वे फिर से सही दिशा में लौट आते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे खुद को किसी एक राज्य (जैसे पंजाब) तक सीमित नहीं मानते। उनका एकमात्र उद्देश्य भिलाई हो या देश का कोई अन्य कोना, लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा