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जंतर-मंतर पर अनशनरत सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ने का दावा, समर्थकों ने सरकार से की हस्तक्षेप की मांग

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जंतर-मंतर पर अनशनरत सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ने का दावा, समर्थकों ने सरकार से की हस्तक्षेप की मांग


नई दिल्ली, 04 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ने का दावा उनके समर्थकों ने किया है। समर्थकों के अनुसार अनशन के दौरान उनका वजन लगभग 5.5 किलोग्राम घट गया है और उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) भी सामान्य स्तर से काफी नीचे पहुंच गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि सोनम वांगचुक का वजन करीब 5.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका शुगर स्तर और ब्लड प्रेशर सामान्य से काफी नीचे है तथा उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

अभिजीत दीपके के अनुसार, सोनम वांगचुक ने कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते या सरकार उन्हें पद से नहीं हटाती, तब तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे।

वांगचुक के समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि लगातार गिरती सेहत के बीच उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने सरकार से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की अपील भी की है।

उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर पिछले 15 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, निष्पक्ष जांच कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में सोनम वांगचुक सात दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।

हालांकि, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य संबंधी दावों अथवा उनकी चिकित्सकीय स्थिति को लेकर संबंधित सरकारी एजेंसियों या चिकित्सकीय अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी