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न्यू मैंगलोर पोर्ट के बर्थ-9 के पुनर्विकास को मंजूरी

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न्यू मैंगलोर पोर्ट के बर्थ-9 के पुनर्विकास को मंजूरी


नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। केंद्र सरकार ने न्यू मैंगलोर पोर्ट अथॉरिटी के बर्थ संख्या-9 के पुनर्विकास प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत तरल बल्क कार्गो की हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने और समुद्री दक्षता को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के मुताबिक,यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत डीबीएफओटी आधार पर लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत पुराने ढांचे को हटाकर बर्थ संख्या-9 का आधुनिक तरीके से पुनर्विकास किया जाएगा, जहां कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और एलपीजी जैसे तरल कार्गो की हैंडलिंग की जाएगी।

परियोजना के तहत बर्थ की गहराई वर्तमान 10.5 मीटर से बढ़ाकर 14 मीटर की जाएगी, जिसे भविष्य में 19.8 मीटर तक बढ़ाने की व्यवस्था भी होगी। इससे 2 लाख डीडब्ल्यूटी तक के बड़े जहाजों, जिनमें वीएलजीसी भी शामिल हैं, को संभालना संभव होगा।

केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के समुद्री बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़कर 10.90 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी और भारत वैश्विक समुद्री क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा कि करीब 438.29 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए निजी भागीदार द्वारा विकसित किया जाएगा। परियोजना की निर्माण अवधि 2 वर्ष और कुल कंसेशन अवधि 30 वर्ष निर्धारित की गई है। परियोजना के तहत आधुनिक मशीनरी और तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसमें उच्च क्षमता वाले मरीन अनलोडिंग आर्म्स और स्वचालित मूरिंग सिस्टम शामिल हैं। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए आधुनिक अग्निशमन प्रणाली और अन्य उन्नत नियंत्रण तंत्र भी स्थापित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर