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नोएडा हिंसा की जांच एसआईटी ने की शुरू, रूपेश राय सहित चार से पूछताछ

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नोएडा हिंसा की जांच एसआईटी ने की शुरू, रूपेश राय सहित चार से पूछताछ


नोएडा, 23 अप्रैल (हि.स.)। श्रमिकों के वेतन बढ़ाने को लेकर 13 अप्रैल को नोएडा मे हुए हिंसक आंदोलन के मामले में गिरफ्तार रूपेश राय और उसके साथी मनीषा, आकृति और सृष्टि गुप्ता को पुलिस कस्टडी मैं लेकर नोएडा पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है। मुख्य आरोपित आदित्य आनंद की पुलिस ने 7 दिन की कस्टडी रिमांड मांगी है, जिसकी सुनवाई 24 अप्रैल को होनी है। युवतियों के आदित्य आनंद से संबंध पर भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में कुछ अहम सुराग मिला है। यह भी पता चला है कि मजदूर बिगुल संगठन श्रमिकों को भड़काने के लिए अपने ऑनलाइन पोर्टल का भी इस्तेमाल करता है।

अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए अपर पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की गई है। इसमें 10 पुलिस अधिकारी शामिल है। एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि एसआईटी अपनी जांच पुलिस कमिश्नर गौतम बुद्ध नगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह को सौंपेगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी के गठन से इस मामले की विवेचना में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि मामले के हर पहलू की जांच चल रही है। हिंसक प्रदर्शन के दौरान मिली जानकारी व तथ्यों का पता लगाया जा रहा है। चिन्हित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्वॉट टीम,सीआरटी समेत आधा दर्जन टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में जल्द ही और कुछ लोगों की गिरफ्तारी होगी।

उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 83 जगह पर हुए हिंसक प्रदर्शन में 42 हजार से ज्यादा लोग शामिल थे। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि प्रदर्शन को हिंसक बनाने में बाहरी तत्वों की भूमिका थी। इस मामले में अब तक 11 रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिसमें 2000 से अधिक अज्ञात महिला पुरुष शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी आदित्य आनंद समेत 62 लोगों की गिरफ्तारी अब तक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार 62 लोगों में 35 आरोपी बाहरी हैं।

उन्होंने बताया कि जांच में पता चला है कि प्रदर्शन के दौरान सीसीटीवी को निष्क्रिय करने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था। फुटेज में महिलाएं कैमरों पर कपड़ा डालती दिखाई दे रही हैं। पुलिस को एक ऑडियो और मैसेज भी मिला है जिसमें गोली चलाने की बात कही गई थी। ऐसी आशंका है कि आंदोलन की आड़ में नोएडा में औद्योगिक उत्पादन को पूरी तरह ठप करने की साजिश रची गई थी।पुलिस ने आरोपियों से बरामद मोबाइल और लैपटॉप से कई जानकारियां हासिल की है। डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने के लिए गूगल से जानकारी मांगी गई है। सभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच होगी। इसके साथ ही दो एक्स हैंडल की जांच जारी है जिसे पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था। इसी हैंडल के जरिये हिंसा भड़काई गई थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी