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'पूर्व का स्वर्ग' देखना है तो सिक्किम जरूर पहुंचें पर्यटक -प्रधानमंत्री मोदी

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'पूर्व का स्वर्ग' देखना है तो सिक्किम जरूर पहुंचें पर्यटक -प्रधानमंत्री मोदी


नई दिल्ली, 28 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गंगटोक में सिक्किम के 50वें स्थापना वर्ष के समापन समारोह में पर्यटन को विकास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसके लिए कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने पूर्वोत्तर को ‘अष्ट लक्ष्मी’ बताते हुए एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट नीति का उल्लेख किया। साथ ही देशवासियों से सिक्किम आने की अपील की। कार्यक्रम में उन्होंने चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम के दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन आज गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के विकास के लिए कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों के दौरान सिक्किम और पूर्वोत्तर के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में पर्यटक सिक्किम आने से बचता था। अब राज्य में चार जिला अस्पताल और 22 आयुष्मान केंद्र स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने सिक्किम के सांस्कृतिक आयोजनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के कारण आज जहां देश में भेदभाव पैदा करने की कोशिश हो रही है, ऐसे में सिक्किम ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का उदाहरण प्रस्तुत किया है। मोदी ने सिक्किम को ‘पूर्व का स्वर्ग’ और ‘पूर्वोत्तर का गार्डन’ बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में देश की 25 प्रतिशत से अधिक फ्लोरल विविधता पाई जाती है। यहां 500 से अधिक पक्षियों और 700 प्रकार की तितलियों की प्रजातियां हैं। कंचनजंगा की पहाड़ियां राज्य की पहचान को और समृद्ध बनाती हैं।

उन्होंने पर्यटकों से सिक्किम आने और यहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि यात्रा के बजट का कम से कम 5 प्रतिशत पर्यटकों को स्थानीय वस्तुओं की खरीद पर खर्च करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटक जहां जाएं, वहीं का भोजन करें और स्थानीय उत्पादों को खरीदें। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर खेल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्पोर्ट्स अकादमी को पुनर्जीवित किया गया है और खेलो इंडिया तथा फिट इंडिया जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। सिक्किम प्रीमियर लीग जैसे आयोजन भी प्रोत्साहित किए जा रहे हैं। साथ ही 1,000 होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने गंगटोक में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, संपर्क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इनका उद्देश्य सिक्किम में समग्र और समावेशी विकास को गति देना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में नामची के यांगंग में 100 बिस्तरों वाले आयुर्वेद अस्पताल और एनआईटी देवराली में 30 बिस्तरों वाले सोवा रिग्पा अस्पताल की आधारशिला और उद्घाटन किया गया। शिक्षा क्षेत्र में सिक्किम विश्वविद्यालय परिसर, मेडिकल कॉलेज, व्यावसायिक कॉलेज और मॉडल स्कूलों सहित कई संस्थानों का उद्घाटन हुआ तथा 160 स्कूलों में आईटी अवसंरचना शुरू की गई।

कनेक्टिविटी के तहत तीस्ता नदी पर दो पुलों की आधारशिला रखी गई और सड़कों के उन्नयन का कार्य शुरू हुआ। बिजली, शहरी विकास और आवास परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ। पर्यावरण संरक्षण के लिए सीवरेज और प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाएं शुरू की गईं। पर्यटन, तीर्थ और कृषि क्षेत्र में भी नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा