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देश से मादक पदार्थों के कारोबार को उखाड़ फेंकने का लक्ष्य : अमित शाह

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देश से मादक पदार्थों के कारोबार को उखाड़ फेंकने का लक्ष्य : अमित शाह


नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि भारत ने 31 दिसंबर 2029 तक देश से मादक पदार्थों के कारोबार को सामूहिक प्रयासों से उखाड़ फेंकने का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को एकजुट होकर निर्णायक कार्रवाई करनी होगी।

शाह ने यहां मादक पदार्थ निरोधक कार्यबल (एएनटीएफ) के प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में केवल जब्ती पर ध्यान देने के बजाय पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में लक्ष्य, समयसीमा और जवाबदेही स्पष्ट होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के कारोबार से निपटने के लिए ‘बैठक से मिशन’, ‘रिपोर्टिंग से परिणाम’, ‘जब्ती से नेटवर्क के खात्मे’ और ‘मामले से दोषसिद्धि’ की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने एएनटीएफ को ‘एंटी-नार्को मिशन कमांड’ के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया।

शाह ने कहा कि जिले को मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की मूल इकाई बनाया जाना चाहिए। इसके तहत जिलों को मादक पदार्थों के उत्पादन एवं प्रवेश वाले क्षेत्रों, परिवहन गलियारों और उपभोग वाले क्षेत्रों के तीन समूहों में बांटकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए वित्तीय और डिजिटल जांच को भी प्राथमिकता देने की बात कही।

गृह मंत्री ने कहा कि विदेश से मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले फरार आरोपितों को पकड़कर भारतीय अदालतों के समक्ष लाया जाएगा तथा विदेशी आरोपितों को निर्वासित करने और उन्हें काली सूची में डालने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। ‘नशामुक्त मित्र’ अभियान के तहत देश के 10 लाख स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 46,780 ‘नशामुक्त मित्र’ पंजीकृत किए जा चुके हैं।

शाह ने कहा कि मादक पदार्थों के कारोबार की बदलती चुनौतियों में सिंथेटिक ड्रग्स, रासायनिक अग्रदूतों का दुरुपयोग, डार्कनेट, क्रिप्टो करेंसी, नए संचार माध्यम और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क शामिल हैं। इनसे निपटने के लिए जांच और प्रवर्तन एजेंसियों को नई तकनीक तथा नए तौर-तरीकों को अपनाना होगा।

इस अवसर पर शाह ने मादक पदार्थ विरोधी जागरूकता से जुड़े टेलीविजन विज्ञापनों और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की वेबसाइट का शुभारंभ किया। उन्होंने लखनऊ और देहरादून में एनसीबी के क्षेत्रीय परिसरों की आधारशिला भी रखी तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले एएनटीएफ को सम्मानित किया। सम्मेलन में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 36 एएनटीएफ प्रमुख शामिल हुए।

सम्मेलन में ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ पर भी चर्चा हुई, जिसमें मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लक्ष्य और समयसीमा तय की गई है। शाह ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को सरकार के सभी स्तरों और संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयास से आगे बढ़ाना होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार