(लीड )कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में आग, 10 मरीजों की मौत; न्यायिक जांच के आदेश
कटक अस्पताल अग्निकांड पर प्रधानमंत्री ने जताया शाेक, नरेन्द्र माेदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोषसेअनुग्रह राशि की घाेंषणा
भुवनेश्वर, 16 मार्च (हि.स.)। ओडिशा के कटक स्थित श्रीरामचंद्र भंज मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गई। इस हादसे से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और गंभीर मरीजों को तुरंत अन्य वार्डों में स्थानांतरित किया गया।
आग सुबह करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच इमरजेंसी विभाग की पहली मंजिल पर स्थित ट्रॉमा आईसीयू में लगी, जहां उस समय 23 मरीज भर्ती थे। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद होगी। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
मृतकों की पहचान रमेश परिडा, दशारू मुंडा, एम.डी. न्युम, गौरांग बारिक, एस.के. अब्दुल सत्तार, मधुसूदन दलाई, कृष्णचंद्र बिस्वाल, रवींद्र दास, चारू परिडा और मेनका राउत के रूप में हुई है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अन्य मरीजों को सुरक्षित रूप से अस्पताल के विभिन्न विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया है और उनका उपचार जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग भी मौजूद थे।
दोनों नेताओं ने अस्पताल के प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया और अन्य वार्डों में इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और उन्हें हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानांतरित किए गए सभी मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनके उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मुख्यमंत्री ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच में यह भी देखा जाएगा कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई कमी तो नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने अग्निशमन सेवा के महानिदेशक को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से एससीबी मेडिकल कॉलेज में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें और अस्पताल को जल्द से जल्द पूरी तरह फायर-कम्प्लायंट बनाया जाए।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि घायल और अन्य स्थानांतरित मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही ओडिशा के सभी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दे चुकी है। इसके लिए चालू बजट में 320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इस दिशा में काम जारी है। साथ ही आगामी बजट में अग्नि सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने के लिए 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान करने की योजना है।
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों, मरीजों के स्थानांतरण और उन्हें दी जा रही विशेष चिकित्सा सुविधाओं के बारे में अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को घटना की जांच के लिए आदेशित उच्च स्तरीय जांच के बारे में भी जानकारी दी।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। एक सोशल मीडिया संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने कहा, “जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से आर्थिक सहायता की भी घोषणा की। इसके तहत प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा और स्थानीय प्रशासन सहित विभिन्न विभाग मिलकर स्थिति को संभालने और प्रभावित मरीजों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो / Samanwaya Nanda / सत्यवान
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