home page

सत्य निकेतन हादसे पर कांग्रेस ने केंद्र के रवैये की निंदा की

 | 
सत्य निकेतन हादसे पर कांग्रेस ने केंद्र के रवैये की निंदा की


नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए हादसे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के रवैये की निंदा की है। पार्टी ने हादसे में छात्रों की मौत पर दुख जताते हुए घटना की जांच, जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि घटना को करीब 24 घंटे होने को हैं, लेकिन मलबा अभी तक पूरी तरह नहीं हट पाया है। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन केवल राहत और बचाव का काम नहीं कर रहा, बल्कि सच छिपाने का भी काम कर रहा है।

एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दावा किया कि घटना करीब 1.30 बजे हुई, लेकिन मौके पर न तो कोई पुलिसकर्मी मौजूद था, न मेडिकल टीम और न ही रेस्क्यू टीम। उनके मुताबिक, वहां केवल एक एंबुलेंस मौजूद थी। उन्होंने कहा कि हादसे की जानकारी मिलते ही एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और छात्रों की हर संभव मदद की। उस समय कई छात्र मलबे में दबे हुए थे और मदद के लिए चीख-पुकार कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जिन निजी पीजी में छात्रों को रहने के लिए मजबूर किया जाता है, वहां सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जाता। दिल्ली विश्वविद्यालय के पास छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल क्यों नहीं हैं, पिछले 10 वर्षों में विश्वविद्यालय के लिए एक भी हॉस्टल क्यों नहीं बनाया गया और विश्वविद्यालय की जिन जमीनों को शादी समारोहों के लिए किराये पर दिया जा रहा है, वहां छात्रों के लिए हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे हैं।

एनएसयूआई ने मांग की कि दिल्ली विश्वविद्यालय के अंदर छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए जाएं, अवैध रूप से संचालित हॉस्टल और पीजी बंद किए जाएं तथा हॉस्टल और पीजी के लिए रेंट कंट्रोल एक्ट बनाया जाए। संगठन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से हादसे की जिम्मेदारी लेने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर