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राउत का दावा: शिंदे की पार्टी में अब एक नहीं, तीन एकनाथ शिंदे सक्रिय

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राउत का दावा: शिंदे की पार्टी में अब एक नहीं, तीन एकनाथ शिंदे सक्रिय


महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

मुंबई, 4 नवंबर (हिं.स.) । महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनकी पार्टी को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। राउत के मुताबिक, शिंदे की पार्टी में अब एक नहीं, बल्कि तीन एकनाथ शिंदे सक्रिय हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें से दो लोगों ने उनसे संपर्क भी किया है और अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर दुख जाहिर किया है। राउत के इस बयान से महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि शिवसेना में जब विभाजन हुआ था, तब उनके पास केवल एक एकनाथ शिंदे थे, लेकिन अब शिंदे की पार्टी में तीन एकनाथ शिंदे दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये तीन कौन हैं, इसका खुलासा जल्द ही हो जाएगा और थोड़ी खोजबीन करने पर इसकी जानकारी सामने आ जाएगी। राउत ने दावा किया कि इनमें से दो लोगों ने उनसे संपर्क किया है। इन नेताओं को अपनी बात साझा करने के लिए सहारे की जरूरत थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि अब हवा का रुख बदल चुका है और उनसे गलती हो गई है।

उद्धव ठाकरे गुट के सांसद ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट के भीतर राजनीतिक ताकत और नेतृत्व को लेकर खींचतान चल रही है। राउत के अनुसार, किसे ताकत देनी है, इसका फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कर रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि फडणवीस एक शिंदे का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अमित शाह दूसरे शिंदे के साथ खड़े हैं। हालांकि, राउत ने अपने इस दावे के समर्थन में संबंधित नेताओं के नाम या कोई ठोस विवरण सार्वजनिक नहीं किया।

शिंदे और फडणवीस के बीच तालमेल नहीं होने का आरोप

संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के रिश्तों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं के बीच आपसी तालमेल की कमी है। जनता के सामने दोनों नेता मुस्कुराते हुए दिखाई देते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे एक-दूसरे को कमजोर करने का मौका तलाशते रहते हैं।

शिंदे और अजित पवार गुट को बताया राजनीतिक समूह

एनसीपी के अजित पवार गुट और एकनाथ शिंदे की शिवसेना पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा कि ये दोनों वास्तविक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि अमित शाह द्वारा तैयार किए गए समूह हैं। उनके अनुसार, इनकी अपनी कोई स्वतंत्र विचारधारा नहीं है और इनका राजनीतिक अस्तित्व केंद्र के समर्थन पर निर्भर है।राउत ने दावा किया कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाला गुट सबसे पहले बिखर सकता है। उनका यह बयान भी महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर नई अटकलों का कारण बन गया है।

कानून-व्यवस्था पर फडणवीस को घेरा

राजनीतिक बयानबाजी के साथ संजय राउत ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। अभिनेता तुषार कपूर को कथित तौर पर मिली रंगदारी की धमकी और अभिनेता अमिताभ बच्चन की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

राउत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गृह मंत्री की जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे हैं और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है।

उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन जैसे बड़े कलाकार को भी सुरक्षा घेरे में रहना पड़ रहा है। राउत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब आम नागरिकों और फिल्मी सितारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तब केवल वीआईपी नेताओं को ही सुरक्षा मिलती दिखाई दे रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी