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राहुल गांधी का बच्चों के कंधों पर राजनीति करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्णः डॉ. संबित पात्रा

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राहुल गांधी का बच्चों के कंधों पर राजनीति करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्णः डॉ. संबित पात्रा


नई दिल्ली, 05 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में कोई गोलीबारी नहीं हुई थी और बच्चों के माध्यम से राजनीतिक नैरेटिव गढ़ना अनुचित है। डॉ. पात्रा ने झारखंड में कथित परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी पर चुनिंदा मुद्दे उठाने का आरोप लगाया।

भाजपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि कुछ समय पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कुछ बातें कहीं। उनके साथ वे युवा भी मौजूद थे, जिन्होंने 20 तारीख को दिल्ली में हुए प्रदर्शन में भाग लिया था। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस या ब्रीफिंग उन बच्चों के लिए नहीं बल्कि केवल राहुल गांधी के लिए है। बच्चे, बच्चे होते हैं। वे हम सभी के हैं और देश का भविष्य हैं। इसलिए हम बच्चों को नमस्कार और प्रणाम करते हैं, लेकिन यह प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल और केवल राहुल गांधी के लिए की जा रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि 20 तारीख को दिल्ली में संसद चलो आंदोलन के दौरान कोई गोली नहीं चली थी। मासूम बच्चों के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति करना एक गलत परंपरा है और राहुल गांधी को ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड के बच्चे भी बच्चे ही हैं और वे भी आंदोलन कर रहे हैं। राहुल गांधी को झारखंड के उन बच्चों से भी संवाद करना चाहिए तथा उनकी तकलीफ और दुख को भी समझना चाहिए। डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी झारखंड नहीं जा रहे हैं क्योंकि वहाँ उनकी सरकार है। राहुल गांधी ने अपने वक्तव्य में कहा था कि गृह मंत्री सदन में नहीं आ रहे हैं। राहुल गांधी स्वयं सदन चलने कहां दे रहे हैं? हम सबके पहुंचने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री सदन पहुंच जाते हैं तथा हम सबके लौटने के बाद भी वह सदन में बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब सदन सुबह 11 बजे शुरू होता है, तो राहुल गांधी और उनके सांसदों द्वारा ऐसा हंगामा किया जाता है कि कुछ ही मिनटों में सदन स्थगित करना पड़ता है। इसके बाद जब सदन दोबारा बैठता है, तब भी स्पीकर की डेस्क तक थपथपाई जाती है, तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया जाता है और उन्हें टीवी पर दिखाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में सदन चल ही नहीं पाता।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि जिस विभाग पर चर्चा होती है, उस विभाग के मंत्री सदन में अवश्य उपस्थित रहते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री के विभाग पर चर्चा होगी तो वह भी निश्चित रूप से उपस्थित रहेंगे। देश यह सब देख रहा है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने दम पर आज कोई नैरेटिव स्थापित नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर नैरेटिव स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो राजनीति में उचित नहीं है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और उसकी राजनीति के तौर-तरीकों पर केंद्रित है, बच्चों पर नहीं। आज मुस्कान ने भी अपना परिचय देते हुए कहा कि वह मुस्कान शर्मा हैं। मुस्कान शर्मा हों या मुस्कान खान, दोनों ही इस देश की बेटियां हैं। शर्मा हों या खान, वे हिंदुस्तान की बेटियां हैं।

डॉ. पात्रा ने कहा कि सबका साथ सबका विश्वास, सबका विकास और सबके प्रयास से ही देश आगे बढ़ता है। इसलिए राहुल गांधी द्वारा विभाजनकारी एजेंडा स्थापित करने का प्रयास बहुत गलत है। उन्होंने कहा कि इस देश ने ऐसे दृश्य भी देखे हैं, जहां साधु के वेश में संसद के बाहर बैठे व्यक्ति को, त्रिपुंड लगाए और गेरुआ वस्त्र पहने होने के बावजूद घसीटा गया और उसकी पिटाई की गई, फिर भी इस देश ने श्रावण मास में उस विष को भी धैर्यपूर्वक सह लिया और उफ तक नहीं की। बच्चों के माध्यम से देश में विभाजन के बीज बोने का प्रयास नहीं होना चाहिए। बच्चों, कभी यह मत सोचिए कि इस देश के बच्चों को धर्म के आधार पर विभाजित करने का प्रयास सफल हो सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी