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आजादी की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी- डॉ. मोहन भागवत

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आजादी की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी- डॉ. मोहन भागवत


-स्वतंत्रता दिवस पर नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में फहराया तिरंगा

नागपुर, 15 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यहां स्थित संघ मुख्यालय में तिरंगा फहराया। इस मौके पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए देश की आजादी को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हर नागरिक की बताया।

डॉ. भागवत ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के लिए गर्व और खुशी का अवसर है। 1857 के विद्रोह से लेकर 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति तक करीब 90 वर्षों तक देशवासियों ने अलग-अलग स्तरों पर संघर्ष किया और अनेक लोगों ने अपना जीवन बलिदान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के लिए किए गए इस संघर्ष और बलिदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। सरसंघचालक ने कहा कि लंबे संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद देश को मिली स्वतंत्रता को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि भारत स्वतंत्र हो चुका है और उसकी स्वतंत्रता कायम रहेगी, लेकिन देश को मजबूत, सुरक्षित और खुशहाल बनाने की जिम्मेदारी अभी पूरी नहीं हुई है। भागवत ने कहा कि भारत के सामने आज भी कई चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों का सामना करते हुए देश को अपने मूल विचारों और सिद्धांतों से जुड़े रहना होगा। उन्होंने देश की एकता, सुरक्षा और विकास के लिए नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ योगदान देने का आह्वान किया।

सरसंघचालक ने कहा कि भारत को ऐसा राष्ट्र बनना चाहिए जो विश्व में महत्वपूर्ण और सकारात्मक भूमिका निभा सके। उन्होंने भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति केवल आर्थिक या राष्ट्रीय विकास तक सीमित नहीं होनी चाहिए। देश को अपनी क्षमता और मूल्यों के माध्यम से पूरी मानवता के कल्याण में योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। मोहन भागवत ने देशवासियों को आजादी के महत्व को समझने, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखने और राष्ट्र के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संदेश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी