दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी फतह करने के लिए दिल्ली से पर्वतारोही रवाना
- रक्षा मंत्री ने साउथ ब्लॉक से इस संयुक्त अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
नई दिल्ली, 05 फरवरी (हि.स.)। दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी और एशिया के बाहर का सबसे ऊंचा पर्वत फतह करने के लिए गुरुवार को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक से एक दल रवाना हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अर्जेंटीना के माउंट एकोनकागुआ के लिए इस संयुक्त अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा 6 फरवरी को शुरू होगी और इस माह के अंत तक समाप्त होने की उम्मीद है।
उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) और पहलगाम के जवाहर पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल संस्थान (जेआईएम एंड डब्ल्यूएस) की ओर से यह संयुक्त अभियान संचालित किया जा रहा है। नई दिल्ली से रवाना हुआ छह सदस्यीय दल 6,961 मीटर की ऊंचाई वाला यह पर्वत फतह करने के लिए निकला है। इस टीम में कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी संतोष कुमार, दीप बहादुर साही, विनोद गुसैन, नायब सिपाही भूपिंदर सिंह और हवलदार रमेश कुमार हैं।
रक्षा मंत्री ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस दुर्गम शिखर पर चढ़ाई करना केवल शारीरिक सहनशक्ति की परीक्षा नहीं है, बल्कि नेतृत्व, टीम वर्क और मानसिक दृढ़ता की सच्ची परीक्षा है, जो देश के सर्वश्रेष्ठ पर्वतारोहियों की पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सदस्य दक्षिण अमेरिका के सर्वोच्च शिखर और एशिया के बाहर सबसे ऊंचे पर्वत पर चढ़ाई को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे और देश को गौरवान्वित करेंगे।
उन्होंने कहा कि एकोनकागुआ पर्वत पर प्राप्त ज्ञान, अनुभव और आत्मविश्वास देश भर के युवाओं, सशस्त्र बलों के कर्मियों और साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के सुरक्षित, सशक्त और अधिक प्रभावी प्रशिक्षण में प्रत्यक्ष रूप से योगदान देगा। यह अभियान वैश्विक स्तर पर साहसिक गतिविधियों और पर्वतीय अन्वेषण में भारत की बढ़ती उपस्थिति का प्रतीक भी है।
हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम

