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रक्षा मंत्री ने नेशनल वॉर मेमोरियल से कारगिल के लिए ‘शौर्य विजय यात्रा’ रवाना की

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रक्षा मंत्री ने नेशनल वॉर मेमोरियल से कारगिल के लिए ‘शौर्य विजय यात्रा’ रवाना की

- अगले 13 दिनों में 28 राइडर्स 1,900 किमी. की दूरी तय कर 26 जुलाई को पहुंचेंगे कारगिल वॉर मेमोरियल

नई दिल्ली, 14 जुलाई (हि.स.)। कारगिल विजय दिवस को पूरे देश में मनाने के हिस्से के तौर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल से लद्दाख के द्रास में कारगिल वॉर मेमोरियल तक 13 दिन की ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई। इस अभियान में शामिल 28 राइडर्स उत्तरी हिमालय के मुश्किल इलाकों से गुजरते हुए 1,900 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। कारगिल युद्ध में जीत दिलाने वाले भारतीय बहादुरों के साहस, इरादे और सबसे बड़े बलिदान को सम्मान देने के लिए इस अभियान का आदर्श वाक्य ‘वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट’ है।

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने बहादुर भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने हिम्मत, सब्र, अनुशासन और बेमिसाल देशभक्ति का सुनहरा अध्याय लिखा, जिसे दुनिया भर की सेनाएं आज भी पढ़ती हैं और सम्मान से देखती हैं। लगभग 20 हजार फीट की ऊंचाई और माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक गिरते तापमान में भी हमारे सैनिकों ने पूरी हिम्मत के साथ अपने मकसद पूरे किए। उन्होंने दुश्मन के कब्जे से हर चोटी, पहाड़ी और बंकर वापस लिए और तिरंगे का सम्मान बनाए रखा। यह जीत हमारी जमीन, पहचान और सम्मान पर किसी भी दुश्मन की नज़र का पूरी ताकत से जवाब देने के भारत के पक्के इरादे को दिखाती है।

राजनाथ सिंह ने परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (रिटायर्ड) और सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) संजय कुमार (रिटायर्ड) समेत सभी भारतीय बहादुरों का युद्ध में जीत पक्की करने में उनके कीमती योगदान के लिए पुण्य स्मरण किया। उन्होंने कहा कि ये बहादुर सैनिक युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे। रास्ते में राइडर्स चंडीमंदिर वॉर मेमोरियल, रेजांगला वॉर मेमोरियल और लेह वॉर मेमोरियल समेत खास मिलिट्री मेमोरियल पर श्रद्धांजलि देंगे। वे वीर नारियों से बातचीत भी करेंगे और उन्हें सम्मानित करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह ‘शौर्य विजय यात्रा’ 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर कारगिल वॉर मेमोरियल पर खत्म होगी। इस दौरान राइडर्स नेशनल वॉर मेमोरियल की पवित्र मिट्टी से भरा कलश ले जाएंगे, जिसे शहीद हुए वीरों की याद में कारगिल में चढ़ाया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि जब यहां की मिट्टी कारगिल की मिट्टी से मिलेगी, तो यह देश की मौजूदा पीढ़ी के सम्मान और देश के वीरों की बहादुरी के संगम का प्रतीक होगी। शौर्य विजय यात्रा की एक खास बात पर ज़ोर देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि अलग-अलग पृष्ठभूमि, भाषाएं और परंपराएं, फिर भी एक तिरंगा, एक देश और हमारे वीरों के लिए एक जैसी श्रद्धा- यही हमारे देश की पहचान है।

फ्लैग ऑफ सेरेमनी में नेशनल कैडेट कोर के कैडेट्स के मौजूद रहने पर रक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि यह एक्सपीडिशन लोगों, खासकर युवाओं में देशभक्ति की एक नई भावना जगाएगा। उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश मिलेगा कि देश की आज़ादी और सम्मान की रक्षा सिर्फ़ बॉर्डर पर ही नहीं बल्कि हमारी यादों और मूल्यों में भी होती है। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और दूसरे सीनियर अधिकारी मौजूद थे।  

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम