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भारत का श्रीलंकाई वायुसेना के लिए एल-70 तोपों के उन्नयन पर समझौता

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भारत का श्रीलंकाई वायुसेना के लिए एल-70 तोपों के उन्नयन पर समझौता

- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, भारत-श्रीलंका की दोस्ती नई ऊंचाइयों को छुएगी

नई दिल्ली, 10 सितंबर (हि.स.)। श्रीलंका की तीन दिवसीय यात्रा पर गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को दौरे के आखिरी दिन श्रीलंकाई नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय साझेदारी के संपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करते हुए व्यापक चर्चा की। श्रीलंकाई वायु सेना के लिए एल-70 तोपों के उन्नयन पर समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। साथ ही राष्ट्रीय रक्षा कॉलेजों और राष्ट्रीय कैडेट कोर के बीच शैक्षणिक सहयोग पर भी चर्चा हुई। इस दौरे में श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या से मुलाकात में करीबी सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

रक्षा मंत्री एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ 08 सितंबर को श्रीलंका की तीन दिवसीय यात्रा पर गए थे। राजनाथ सिंह आज श्रीलंका के नुवारा एलिया जिले में मौजूद सीता अम्मन मंदिर भी गए, जहां पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद मांगा। कोलंबो में पवित्र गंगारामया मंदिर जाने और भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेने का मौका मिला। इस दौरे में श्रीलंकाई वायुसेना के लिए एल-70 तोपों के उन्नयन पर समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। साथ ही राष्ट्रीय रक्षा कॉलेजों और राष्ट्रीय कैडेट कोर के बीच शैक्षणिक सहयोग पर भी चर्चा हुई।

रक्षा मंत्री ने यात्रा के दूसरे दिन दित्वाह पुनर्वास के बाद 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से भारतीय सेना इंजीनियरों की टीम के बनाए कुरूनेगला और बट्टीकलोआ में तीन बेली पुलों का वर्चुअल उद्घाटन किया। श्रीलंकाई वायुसेना और श्रीलंकाई नौसेना को भी पुर्जों की आपूर्ति की गई। राजनाथ सिंह ने ‘आपसी’ और ‘होलिस्टिक’ ग्रोथ के लिए 'महासागर' के विजन पर ज़ोर दिया और समुद्री सहयोग पर भारत-श्रीलंका के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने की इच्छा दोहराई।

उन्होंने कहा कि `श्रीलंका की मेरी यात्रा ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी क्षेत्रों को शामिल करते हुए भारत-श्रीलंका के बीच गतिशील और बहुआयामी संबंधों को और अधिक गति दी है।' यात्रा के दौरान आतिथ्य के लिए प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या और श्रीलंका सरकार को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि `आने वाले समय में भारत-श्रीलंका की दोस्ती नई ऊंचाइयों को छुएगी। श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय के अपने दौरे के दौरान श्रीलंका के सीनियर मिलिट्री लीडरशिप से बातचीत करने का मौका मिला। उनमें से कई ने भारत में ट्रेनिंग ली है और भारत के साथ उनका गहरा रिश्ता है।'

कोलंबो में श्रीलंका के क्रिकेट खिलाड़ियों अरविंद डी सिल्वा, सनथ जयसूर्या और चमिंडा वास से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके शानदार प्रदर्शन के लिए भारत में लाखों लोग उनकी तारीफ करते हैं। कोलंबो में श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से मुलाकात के दौरान विकास में सहयोग, शिक्षा और भारत और श्रीलंका के बीच करीबी सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साझा विरासत वाली सिस्टर डेमोक्रेसी के तौर पर भारत और श्रीलंका को अपने क्षेत्र की शांति और खुशहाली के लिए एक साझा डेवलपमेंट विजन पर काम करते रहना चाहिए।

श्रीलंका यात्रा के दौरान कोलंबो पोर्ट पर राजनाथ सिंह भारतीय युद्धपोत 'उदयगिरि' पर आयोजित डेक रिसेप्शन में शामिल हुए। श्रीलंका के रक्षा उप मंत्री और दूसरे सीनियर सरकारी अधिकारी भी शामिल हुए। इस इवेंट के दौरान श्रीलंकाई अधिकारियों को श्रीलंकाई एयरफोर्स के लिए इंद्र मार्क- 2, रडार के स्पेयर पार्ट्स, श्रीलंकाई शिप सौर्य के स्पेयर पार्ट्स और इन्फ्लेटेबल टारगेट सौंपे। यह उपकरण श्रीलंकाई आर्म्ड फ़ोर्स की क्षमता और कैपेसिटी को और बढ़ाने में मदद करेगा। यह जहाज श्रीलंका में खतरनाक साइक्लोन दितवाह के दौरान सबसे पहले मदद करने वालों में से एक था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सबसे करीबी पड़ोसी और सभ्यता का जुड़वां देश होने के नाते भारत हमेशा श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम