अगस्त से शुरू होगी ट्रेनों की नई आरक्षण प्रणाली में शिफ्टिंग: वैष्णव
नई दिल्ली, 07 मई (हि.स.)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि 40 साल पुराने यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) से नई उन्नत प्रणाली में ट्रेनों की शिफ्टिंग के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
रेल भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद थे। बैठक में नई आरक्षण प्रणाली के क्रियान्वयन और उसकी क्षमता विस्तार की प्रगति की समीक्षा की गई।
रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 1986 में शुरू हुई मौजूदा आरक्षण प्रणाली में पिछले चार दशकों के दौरान कई छोटे बदलाव किए गए थे लेकिन अब इसे अत्याधुनिक तकनीक के साथ पूरी तरह अपग्रेड किया गया है। नई प्रणाली की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
भारतीय रेलवे ने वर्ष 2002 में इंटरनेट आधारित टिकटिंग सेवा शुरू की थी। वर्तमान में लगभग 88 प्रतिशत टिकट बुकिंग ऑनलाइन माध्यमों से हो रही है और अधिकांश यात्री टिकट काउंटरों पर जाने के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।
रेल मंत्रालय ने बताया कि ‘रेलवन’ मोबाइल ऐप यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जुलाई 2025 में लॉन्च किए गए इस ऐप को एक वर्ष से कम समय में 3.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड मिले हैं।
ऐप की प्रमुख विशेषताओं में टिकट बुकिंग, कैंसिल, रिफंड, अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकट सुविधा, लाइव ट्रेन रनिंग स्टेटस, प्लेटफॉर्म और कोच की जानकारी, रेल मदद सेवा तथा सीट पर भोजन डिलीवरी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, ऐप में प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों के कन्फर्म होने की संभावना बताने के लिए एआई आधारित फीचर भी जोड़ा गया है। इस सुविधा की सटीकता पहले 53 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई है।
देशभर में प्रतिदिन इस ऐप के माध्यम से 9.29 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं, जिनमें 7.2 लाख अनारक्षित और 2.09 लाख आरक्षित टिकट शामिल हैं।
रेल मंत्रालय ने कहा कि भारतीय रेलवे ने वर्ष 2024-25 में यात्री किराये पर 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी, जो प्रति यात्री औसतन 43 प्रतिशत रियायत के बराबर है। यानी सेवा की लागत यदि 100 रुपये है तो यात्री से केवल 57 रुपये ही वसूले जाते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

