home page

भारतीय रेलवे ने उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल के लिए 201 करोड़ रुपये के कवच प्रोजेक्ट को मंजूरी दी

 | 

नई दिल्ली, 15 जून (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने रेलवे सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल के शेष ब्रॉड गेज मार्गों पर ‘कवच’ प्रणाली स्थापित करने की 201 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना 811 रूट किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी।

रेल मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस कार्य को भारतीय रेलवे के शेष मार्गों पर एलटीई आधारित संचार नेटवर्क के साथ ‘कवच’ प्रणाली उपलब्ध कराने के व्यापक कार्यक्रम के तहत स्वीकृति दी गई है।

परियोजना के तहत अंबाला मंडल के कई महत्वपूर्ण रेलखंडों पर कवच प्रणाली स्थापित की जाएगी। इनमें अंबाला छावनी-लुधियाना, कालका-चंडीगढ़-न्यू मोरिंडा-साहनेवाल, सरहिंद-दौलतपुर चौक, राजपुरा-बठिंडा-श्रीगंगानगर तथा लुधियाना-धूरी-जाखल रेलखंड शामिल हैं।

ये रेलमार्ग हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले प्रमुख कॉरिडोर हैं, जहां यात्री और माल यातायात का भारी दबाव रहता है। क्षेत्र में लोगों और वस्तुओं के आवागमन में इन मार्गों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उल्लेखनीय है कि ‘कवच’ भारतीय रेलवे द्वारा विकसित स्वदेशी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) प्रणाली है, जिसका उद्देश्य रेल संचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है। यह प्रणाली सिग्नल पासिंग एट डेंजर (एसपीएडी) जैसी घटनाओं को रोकने, आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाने, संवेदनशील परिस्थितियों में ट्रेन की गति नियंत्रित करने और टक्कर की आशंका को काफी हद तक कम करने में सक्षम है।

रेलवे का कहना है कि नेटवर्क पर सुरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से उच्च घनत्व और रणनीतिक महत्व वाले मार्गों पर ‘कवच’ प्रणाली का विस्तार लगातार किया जा रहा है। अंबाला मंडल की यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार