रेलवे बोर्ड ने पांच ग्रुप-ए अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की
नई दिल्ली, 01 अगस्त (हि.स.)। रेलवे बोर्ड की समीक्षा समितियों ने जनहित में भारतीय रेलवे के पांच ग्रुप-ए अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की है। यह कार्रवाई भारतीय रेलवे स्थापना संहिता के खंड-दो के नियम 1802(ए) के तहत की गई है, जो मूलभूत नियम के नियम 56(जे) के समकक्ष है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, जिन अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की गई है, उनमें भारतीय रेलवे स्वास्थ्य सेवा (आईआरएचएस) के वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (एसएजी) के दो अधिकारी, उत्तर रेलवे के भारतीय रेलवे सिविल इंजीनियरिंग सेवा (आईआरएसई) के कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (जेएजी) के एक अधिकारी, उत्तर रेलवे के भारतीय रेलवे विद्युत इंजीनियरिंग सेवा (आईआरएसईई) के एक अधिकारी तथा पश्चिम रेलवे के भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) के जेएजी स्तर के एक अधिकारी शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया कि समीक्षा समितियों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों के सेवा अभिलेखों का विस्तृत मूल्यांकन किया। इसमें वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर), सत्यनिष्ठा संबंधी रिकॉर्ड, सतर्कता संबंधी सूचनाएं, अनुशासनात्मक मामलों का इतिहास और अन्य सेवा अभिलेखों की जांच की गई। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद समितियों ने सर्वसम्मति से जनहित में इन अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की।
रेल मंत्रालय ने कहा कि भारतीय रेलवे भ्रष्टाचार, सत्यनिष्ठा की कमी और अकुशलता के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करता है। सार्वजनिक सेवा में ईमानदारी, अनुशासन और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा भारतीय रेलवे स्थापना संहिता के प्रावधानों के तहत की जाने वाली ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य इन्हीं मूल्यों को बनाए रखना है।
---------
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

