जुलाई में रेलवे की माल ढुलाई नौ प्रतिशत बढ़कर 14.13 करोड़ टन हुई
नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने जुलाई 2026 में माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 14.13 करोड़ टन माल का परिवहन किया। यह जुलाई 2025 के 12.97 करोड़ टन की तुलना में नौ प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व में भी आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
रेल मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, माल परिवहन में यह वृद्धि देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्रों से लगातार बढ़ती मांग, परिचालन दक्षता में सुधार तथा माल परिवहन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयासों का परिणाम है।
मंत्रालय के अनुसार, प्रमुख माल श्रेणियों में सबसे अधिक वृद्धि लौह अयस्क (आयरन ओर) की लोडिंग में 22.2 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके अलावा उर्वरकों की ढुलाई में 12 प्रतिशत, खाद्यान्न और कोयले की लोडिंग में 11.5-11.5 प्रतिशत तथा अन्य वस्तुओं की ढुलाई में 12.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
रेल मंत्रालय ने बताया कि थर्मल पावर प्लांटों में बढ़ती मांग को देखते हुए घरेलू कोयले की आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई। इसके परिणामस्वरूप पिछले वर्ष की तुलना में बिजलीघरों तक कोयले की आपूर्ति में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
माल ढुलाई में वृद्धि का सकारात्मक असर रेलवे के राजस्व पर भी दिखाई दिया। जुलाई 2025 की तुलना में जुलाई 2026 में माल ढुलाई से 1,137 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई, जिससे कुल माल राजस्व में आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
जोनल रेलवे के प्रदर्शन की बात करें तो पूर्व मध्य रेलवे और पूर्वी रेलवे ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए माल राजस्व में 33-33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। पश्चिम मध्य रेलवे में 23 प्रतिशत तथा दक्षिण पूर्व रेलवे में 10.33 प्रतिशत की उल्लेखनीय राजस्व वृद्धि दर्ज की गई।
यात्री परिवहन के क्षेत्र में भी भारतीय रेलवे का प्रदर्शन बेहतर रहा। जुलाई 2026 के दौरान रेलवे ने 63.35 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया, जबकि जुलाई 2025 में यह संख्या 62.19 करोड़ थी। उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों श्रेणियों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है, जो रेल यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता और बेहतर सेवाओं का संकेत है।
रेल मंत्रालय ने कहा कि भारतीय रेलवे माल परिवहन क्षमता बढ़ाने, यात्री सुविधाओं में सुधार, आधुनिक रेल अवसंरचना के विस्तार और परिचालन दक्षता को और मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। मंत्रालय के अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य देश की आर्थिक वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा और सुगम परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

