home page

राजघाट में पूर्वांचल महोत्सव-नौ का आयोजन, ओम बिरला ने कहा- पूर्वांचल विचार, साधना और सृजन की भूमि

 | 

नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के गांधी दर्शन प्रांगण में माटी संस्था द्वारा आयोजित पूर्वांचल महोत्सव-9 का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें पूर्वांचल की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक परंपरा का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि पूर्वांचल केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं बल्कि विचार, साधना और सृजन की भूमि है, जिसने सदियों से समाज को दिशा दी है।

उन्होंने इस अवसर पर छह प्रमुख हस्तियों फैज़ अहमद किदवई, डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, प्रोफेसर वंदना सिंह, रवि शंकर राय, राजेश सिंह दयाल और अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी को “माटी सम्मान-9” से सम्मानित किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि सम्मानित व्यक्तियों ने राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देकर पूर्वांचल का गौरव बढ़ाया है। वहीं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने माटी संस्था की सराहना करते हुए इसे पूर्वांचल की आकांक्षाओं को दिशा देने वाली संस्था बताया।

दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने उद्घाटन सत्र में कहा कि पूर्वांचल की मिट्टी में व्यक्तित्व निर्माण की अद्भुत शक्ति है और माटी संस्था इसी शक्ति का प्रतीक बनकर उभर रही है। कार्यक्रम में बृज भूषण शरण सिंह, विजय गोयल और सांसद राजीव राय सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन में दिलीप पांडेय, कलीम कैसर और नर कंकाल ने अपनी कविताओं से समा बांधा जबकि महेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा रचित भोजपुरी हास्य नाटक “मास्टर गणेशी राम” ने दर्शकों को खूब हंसाया। कार्यक्रम का समापन इंडियन ओशन बैंड की लाइव प्रस्तुति के साथ हुआ।

इसके अलावा महोत्सव में पूर्वांचली व्यंजनों पूड़ी-सब्जी, बाटी-चोखा, दाल का दूल्हा, लौंग लता और इमरती का लोगों ने भरपूर आनंद लिया। संत कबीर को समर्पित प्रदर्शनी, बनारसी साड़ी और हस्तशिल्प स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे।

माटी संस्था के संयोजक आसिफ़ आज़मी ने बताया कि संस्था जल्द ही दिल्ली-एनसीआर में एक पूर्वांचल सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे क्षेत्र की कला, संस्कृति और परंपरा को और मजबूती मिलेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी