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पंजाब: गुलजार सिंह मौत मामले में सरपंच समेत 5 गिरफ्तार, एसआईटी करेगी जांच

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चंडीगढ़, 09 सितंबर (हि.स.)। पंजाब के संगरूर जिले के तुर बंजारा गांव में ड्रग्स को लेकर उठे विवाद के बाद गुलजार सिंह की मौत के मामले में दिर्बा थाना पुलिस ने सरपंच समेत पांच लोगों के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज करके सभी को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, कथित उत्पीड़न और एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।

पुलिस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य फोकस उन परिस्थितियों पर है, जिनके बाद 50 वर्षीय गुलजार सिंह ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया था। एफ़आईआर में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को आरोपी नहीं बनाया गया है। यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब गांव में आयोजित एक विकास कार्यक्रम के दौरान गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने गांव में खुलेआम ड्रग्स बिकने का मुद्दा उठाया था। गुलजार ने कथित तौर पर बताया था कि गांव में ‘चिट्टा’ उपलब्ध है और उनका बेटा भी नशे का आदी है।

इसके बाद गुलजार के परिवार और कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत से जुड़े लोगों की ओर से उन पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का दबाव बनाया गया। परिवार का दावा था कि इस घटनाक्रम के बाद गुलजार काफी परेशान हो गए थे और बाद में उन्होंने जहरीला पदार्थ निगल लिया।

सरपंच पक्ष ने गुलजार पर किसी तरह का दबाव या धमकी देने के आरोपों को खारिज किया था। सरपंच के पति बलजीत सिंह ने कहा था कि मंत्री के सामने नशे का मुद्दा उठाने के बाद गुलजार से बातचीत की गई थी और कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। उन्होंने किसी विवाद या धमकी से इनकार किया था।

जहरीला पदार्थ निगलने के बाद गुलजार सिंह को पहले संगरूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें पटियाला के राजिंदरा अस्पताल और फिर लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर गुलजार और उनके परिवार के बयान दर्ज किए थे।

अब पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। जांच में परिवार के लगाए गए दबाव के आरोप, पंचायत पक्ष का बयान और गुलजार की मौत से पहले की परिस्थितियां प्रमुख रूप से शामिल रहेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH