पीठासीन अधिकारियों की समिति की 27 अक्टूबर को दिल्ली में बैठक
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष की तरफ से देश के विधायी निकायों के लिए प्रक्रिया तथा कार्य संचालन के एकरूप आदर्श नियम तैयार करने के उद्देश्य से गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की बैठक 27 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित की जाएगी। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में प्रस्तावित एकरूप आदर्श नियमों से संबंधित प्रारूप रिपोर्ट और उसमें शामिल अनुशंसाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक नई दिल्ली स्थित ताज होटल, सरदार पटेल मार्ग पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित होगी। समिति के सदस्य एवं दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता बैठक में स्वागत संबोधन देंगे। बैठक में उत्तर प्रदेश, नागालैंड, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और दिल्ली विधानसभा के पीठासीन अधिकारी एवं प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया तथा कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष गुरुपादगौड़ा संगनगौड़ा पाटिल सहित समिति के अन्य सदस्य और संबंधित विधानसभाओं के अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक का प्रमुख एजेंडा प्रस्तावित एकरूप आदर्श नियमों से संबंधित प्रारूप रिपोर्ट और उसमें दी गई अनुशंसाओं पर विचार करना है। समिति इन अनुशंसाओं की समीक्षा करेगी तथा विभिन्न विधायी निकायों में प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के लिए साझा रूपरेखा विकसित करने के उद्देश्य से विचार-विमर्श करेगी। इस दौरान ऐसे विषयों पर भी चर्चा हो सकती है, जिन पर अतिरिक्त विचार या स्पष्टीकरण की आवश्यकता है।
विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह बैठक विधायी संस्थाओं के बीच संवाद, समन्वय और प्रक्रियागत अनुभवों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। इससे देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने तथा विधायी संस्थाओं के प्रभावी संचालन की दिशा में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
बैठक में भाग लेने वाले पीठासीन अधिकारियों और अन्य प्रतिनिधियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का समन्वय दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा किया जा रहा है। प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल के साथ समन्वय एवं शिष्टाचार संबंधी व्यवस्थाओं के लिए एक नामित संपर्क अधिकारी तैनात रहेगा। समिति के सदस्यों को राज्य अतिथि का दर्जा दिया गया है तथा उनके अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं और सुरक्षा प्रदान की जाएंगीl
बैठक के समापन के बाद समिति के सदस्य मीडिया से बातचीत करेंगे और विचार-विमर्श, अनुशंसाओं तथा प्रस्तावित एकरूप आदर्श नियमों को अंतिम रूप देने की आगामी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी साझा करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

